दिल्ली 04 अगस्त:
अरविंद केजरीवाल ने आज आम आदमी पार्टी (AAP) कार्यालय से प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकालने का ऐलान किया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इस मार्च में केजरीवाल के साथ दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री और पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया तथा राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी मौजूद थे। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद AAP के सभी नेता वहीं धरने पर बैठ गए।
यह मार्च ई20 ईंधन के मुद्दे को लेकर निकाला जा रहा था। केजरीवाल ने AAP कार्यालय से प्रधानमंत्री आवास तक 100 लोगों के साथ मार्च करने की घोषणा की थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसे शुरू होने से पहले ही रोक दिया। पुलिस का कहना है कि आम आदमी पार्टी ने इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली थी। साथ ही, संसद के मानसून सत्र के चलते दिल्ली के कई इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है, जो पहले दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 के नाम से जानी जाती थी।

कुछ दिन पहले अरविंद केजरीवाल ने ई20 के मुद्दे पर एक टाउनहॉल कार्यक्रम भी आयोजित किया था। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में भारत में ई20 ईंधन लागू कर रहे हैं। केजरीवाल का कहना है कि हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील के तहत भारत को 100 बिलियन डॉलर का सामान खरीदना अनिवार्य है। उनका दावा है कि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा इथेनॉल निर्यातक है, इसलिए भारत को अपनी इस खरीद का बड़ा हिस्सा इथेनॉल के रूप में करना पड़ सकता है।
केजरीवाल ने यह भी कहा कि अमेरिका में अभी तक ई20 ईंधन अनिवार्य नहीं है और वहां मुख्य रूप से ई5 तथा ई10 मिश्रित ईंधन का इस्तेमाल होता है। जबकि भारत में ई20 लागू कर दिया गया है। उनका आरोप है कि ई20 के कारण कई वाहनों के इंजन खराब होने की शिकायतें सामने आ रही हैं और अधिकांश गाड़ियों का माइलेज भी कम हो गया है।
AAP का कहना है कि केजरीवाल प्रधानमंत्री आवास तक ऐसे 100 लोगों को लेकर मार्च करने जा रहे थे, जिनका दावा है कि ई20 ईंधन के कारण उनकी गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है।
















