दिल्ली 7 अगस्त: आखिरकार झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन पर राहुल गांधी का जवाब आ ही गया। JPSC में कथित गड़बड़ियों को लेकर झारखंड के छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगातार धरने पर बैठे हैं। ऐसे में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से लगातार सवाल पूछे जा रहे थे कि आखिर वह इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं। अब राहुल गांधी ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है।
दरअसल, राहुल गांधी इंस्टाग्राम पर ‘Ask Me Anything’ सेशन कर रहे थे, जहां उनसे झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर भी सवाल पूछा गया। इसके जवाब में राहुल गांधी ने कहा, “देश में हो रहे छात्र आंदोलन हमारी चरमराई हुई शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ हैं। मैंने कोटा और देहरादून में इस मुद्दे पर साफ तौर पर बात की है और इलाहाबाद में भी इस पर बोलूंगा। हमारी शिक्षा व्यवस्था चरमरा चुकी है। यह आम लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही है और दमनकारी बन गई है।”
उन्होंने आगे कहा, “चाहे केंद्र सरकार हो, कांग्रेस की सरकार हो या झारखंड सरकार, हर सरकार को छात्रों की बात सुननी चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।”
बता दें कि आंदोलन कर रहे छात्र 25 जुलाई से लगातार धरने पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख मांगें हैं कि पूरे मामले की CBI जांच कराई जाए, 14वीं JPSC संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा रद्द की जाए, कथित गड़बड़ियों में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, JPSC और JSSC में व्यापक संस्थागत सुधार किए जाएं तथा भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए।
वहीं, झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी लगातार हेमंत सोरेन सरकार पर हमलावर हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि JPSC में अधिकारी बनने के लिए अभ्यर्थियों से चरणबद्ध तरीके से लाखों रुपये वसूले जाते हैं। मरांडी का दावा है कि प्रारंभिक परीक्षा पास कराने के लिए 5 लाख रुपये, मुख्य परीक्षा (मेंस) के लिए 25 लाख रुपये और इंटरव्यू के लिए 10 लाख रुपये लिए जाते हैं। यानी उनके बताए गए इस कथित “रेट चार्ट” के अनुसार एक अभ्यर्थी से कुल 40 लाख रुपये तक वसूले जाते हैं।
















