सुरक्षा एवं गुणवत्ता के सर्वोच्च मानकों को बनाए रखते हुए उद्योग अनुपालन और ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ को मिलेगा बढ़ावा

मानेसर, 7 अगस्त। सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने तथा बस बॉडी निर्माण उद्योग के लिए अनुपालन मूल्यांकन प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (आईकैट) ने AIS-052, AIS-153 एवं AIS-119 के अंतर्गत प्रमाणन के लिए एक व्यापक प्रक्रिया सरलीकरण ढांचा प्रस्तुत किया है। यह पहल सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के उस मार्गदर्शन के अनुरूप विकसित की गई है, जिसके अनुसार सुरक्षा, गुणवत्ता अथवा नियमों के मूल उद्देश्य से किसी भी प्रकार का समझौता किए बिना नियामकीय प्रक्रियाओं को अधिक सरल, प्रभावी और दक्ष बनाया जाना चाहिए।

 

उद्योग के विभिन्न हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श तथा विस्तृत तकनीकी अध्ययन के उपरांत आईकैट ने प्रमाणन प्रक्रिया का पुनर्गठन किया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य इंजीनियरिंग कार्यों की अनावश्यक पुनरावृत्ति समाप्त करना, बेहतर समन्वय स्थापित करना, दस्तावेज़ीकरण को सरल बनाना तथा उद्योग को प्रारंभ से लेकर प्रमाणन तक संपूर्ण तकनीकी सहयोग प्रदान करना है। साथ ही, लागू ऑटोमोटिव उद्योग मानकों के अंतर्गत निर्धारित सभी अनिवार्य सुरक्षा सत्यापनों को यथावत बनाए रखा गया है।

 

यह पहल आईकैट की “ICAT-CONNECT” अवधारणा पर आधारित है, जिसके अंतर्गत आईकैट केवल परीक्षण एवं प्रमाणन एजेंसी के रूप में ही नहीं, बल्कि एक विश्वसनीय तकनीकी साझेदार के रूप में भी कार्य करता है। आईकैट निर्माताओं को नियामकीय आवश्यकताओं को समझने, इंजीनियरिंग दस्तावेज़ तैयार करने, मानक-अनुरूप डिज़ाइन विकसित करने, प्रमाणन योजना को अनुकूलित करने तथा न्यूनतम समय में अनुमोदन प्राप्त करने में सहयोग प्रदान करेगा।

 

संशोधित ढांचे के अंतर्गत उन मामलों में सहयोगात्मक इंजीनियरिंग मूल्यांकन की व्यवस्था की गई है, जहाँ अनेक निर्माता समान डिज़ाइन, सामग्री एवं संरचनात्मक विन्यास का उपयोग करते हैं। ऐसे मामलों में डिज़ाइन समीक्षा, इंजीनियरिंग सिमुलेशन तथा दस्तावेज़ीकरण की प्रक्रिया संयुक्त रूप से की जा सकेगी। हालांकि, प्रत्येक निर्माता के वाहन का व्यक्तिगत निरीक्षण तथा अनिवार्य अनुपालन मूल्यांकन प्रमाणन से पूर्व पूर्ववत किया जाएगा। इससे प्रमाणन प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पूर्णतः सुरक्षित रहेगी तथा कार्यकुशलता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

 

आईकैट ने दो-चरणीय प्रमाणन प्रणाली भी लागू की है। इसके अंतर्गत निर्माता ड्रॉइंग, संरचनात्मक गणनाओं, त्रि-आयामी (3D) मॉडल तथा इंजीनियरिंग दस्तावेज़ों के सत्यापन के उपरांत डिज़ाइन अनुपालन पुष्टि (Design Compliance Confirmation) प्राप्त कर सकेंगे, जिससे वे निर्माण कार्य आत्मविश्वास के साथ प्रारंभ कर सकेंगे। अंतिम प्रमाणन केवल अनुमोदित डिज़ाइन के अनुरूप निर्मित वाहन के सफल भौतिक सत्यापन के बाद ही जारी किया जाएगा।

 

इस सरलीकृत प्रक्रिया से प्रमाणन की समयावधि में कमी आएगी, पुनःकार्य (Rework) घटेगा, प्रक्रिया अधिक पूर्वानुमेय बनेगी तथा देशभर के निर्माताओं, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए अनुपालन मूल्यांकन अधिक सरल और सुविधाजनक होगा।

 

प्रक्रिया अनुकूलन तथा सहयोगात्मक इंजीनियरिंग के परिणामस्वरूप समूह-आधारित मॉडल के अंतर्गत भाग लेने वाले निर्माताओं के प्रमाणन व्यय में भी उल्लेखनीय कमी आई है। आईकैट द्वारा प्रस्तुत नया सहयोगात्मक प्रमाणन ढांचा राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन बनाए रखते हुए अनिवार्य बस प्रमाणन लागत में लगभग 50 प्रतिशत तक की कमी लाने में सक्षम हो सकता है।

 

संशोधित प्रक्रिया से उद्योग को अवगत कराने के उद्देश्य से आईकैट ने 7 अगस्त, 2026 को आईकैट सेंटर-II, मानेसर में “AIS-052, AIS-153, AIS-119 तथा अन्य लागू मानकों के अनुरूप टाइप अप्रूवल प्रमाणन हेतु प्रक्रिया एवं लागत का अनुकूलन” विषय पर एक उद्योग संगोष्ठी का आयोजन किया।

 

इस अवसर पर आईकैट के निदेशक श्री सौरभ दलेला ने कहा, हमारा उद्देश्य मानकों को सरल बनाना नहीं, बल्कि अनुपालन मूल्यांकन प्रक्रिया को सरल बनाना है। AIS-052, AIS-153, AIS-119 तथा अन्य लागू मानकों की प्रत्येक आवश्यकता का सत्यापन पहले की तरह समान तकनीकी कठोरता के साथ किया जाएगा। हमने केवल अनुपालन मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया है, जिसमें अनावश्यक पुनरावृत्ति समाप्त करना, बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा निर्माताओं को इंजीनियरिंग एवं दस्तावेज़ीकरण में तकनीकी सहयोग प्रदान करना शामिल है। यह आईकैट की ‘ICAT-CONNECT’ कार्य-दृष्टि को दर्शाता है, जिसके अंतर्गत हम उद्योग के विश्वसनीय तकनीकी साझेदार के रूप में कार्य करते हुए अधिक सुरक्षित बसों को गुणवत्ता एवं यात्री सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता किए बिना शीघ्र और अधिक दक्षता के साथ भारतीय सड़कों तक पहुँचाने में सहयोग कर रहे हैं।

 

यह पहल सुरक्षित गतिशीलता, ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ तथा बेहतर नियामकीय अनुपालन के प्रति भारत सरकार की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में आईकैट की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है। तकनीकी उत्कृष्टता और ग्राहक-केंद्रित अनुपालन मूल्यांकन नवाचार के समन्वय के माध्यम से आईकैट उद्योग के साथ मजबूत साझेदारी विकसित करने तथा यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक प्रमाणित वाहन सुरक्षा, गुणवत्ता और नियामकीय अनुपालन के सर्वोच्च मानकों पर खरा उतरे।

 

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