बिहार राज्यसभा में बड़ा ट्विस्ट — पवन सिंह की एंट्री? खेसारी लाल यादव का राजनीति से संन्यास!

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बिहार, 19 फरवरी 2026

राज्यसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही बिहार की सियासत में हलचल और तेज हो गई है।
भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार 10 राज्यों की 37 सीटों पर चुनाव होंगे, जिनका मतदान 16 मार्च 2026 को तय है। बिहार की 5 सीटें इस बार सबसे अधिक चर्चा में हैं।

बिहार की पांच राज्यसभा सीटों का सियासी समीकरण

बिहार विधानसभा (243 सदस्य) के मौजूदा_NUMBER के हिसाब से एनडीए के खाते में चार सीटें लगभग तय लगती हैं, जबकि पांचवीं सीट पर कड़ा मुकाबला है।
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए लगभग 41 विधायक वोट चाहिए।

बीजेपी और जेडीयू आसानी से दो-दो सीटें जीत सकते हैं, जिसमें जेडीयू अपनी मौजूदा सांसद —
हरिवंश नारायण सिंह
और
रामनाथ ठाकुर — को दोबारा भेज सकती है।

पवन सिंह की संभावना और राजनीतिक संदेश

सबसे दिलचस्प नाम इस बार उन लोगों की सूची में उभर रहा है — भोजपुरी अभिनेता और गायक
पवन सिंह
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि BJP उन्हें राज्यसभा में बड़ा स्थान दे सकती है।
बताया जा रहा है कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में पवन सिंह ने बीजेपी के लिए प्रचार किया था, और पार्टी उनका जनाधार पूर्वांचल में इस्तेमाल करना चाहती है।

अगर उन्हें टिकट मिलता है, तो यह बीजेपी की रणनीति का संकेत होगा —
कि वह सांस्कृतिक लोकप्रियता को राष्ट्रीय राजनीति से जोड़ने की ओर बढ़ रही है।

उपेन्द्र कुशवाहा और विपक्ष का संकट

दूसरी ओर उपेंद्र कुशवाहा का राजनीतिक भविष्य इस बार अनिश्चित लकीर पर है। उनका पार्टी का संख्याबल छोटा होने के कारण दोबारा राज्यसभा में जाना कठिन दिख रहा है।

विपक्ष के लिए भी चुनौती बड़ी है।
तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन के पास मात्र सीमित विधायक हैं, जिससे विपक्ष को अपनी एक भी सीट बचाना मुश्किल हो सकता है।

खेसारी लाल यादव का बयान और राजनीति से दूरी

वहीं, भोजपुरी इंडस्ट्री के एक और बड़े नाम
खेसारी लाल यादव
ने राजनीति में आने की अटकलों पर साफ संकेत दिया है कि वे फिलहाल राजनीति में नहीं आना चाहते। उन्होंने कहा है कि राजनीति में टिकने के लिए “झूठ बोलना पड़ता है,” जो उनकी शैली नहीं है, इसलिए उनका पूरा फोकस संगीत और फिल्म पर रहेगा। खेसारी ने स्पष्ट किया कि उनके लिए कलाकार रहना प्राथमिकता है, और राजनीति उनके बस का काम नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा है कि कोई भी कलाकार जो भोजपुरी या बिहार-झारखंड का नाम ऊँचा कर रहा है, वह सभी का गौरव है, चाहे वह पवन सिंह हों या कोई अन्य।

चुनाव प्रक्रिया और प्रमुख तिथियाँ

— अधिसूचना जारी: 26 फरवरी 2026
— नामांकन अंतिम तिथि: 5 मार्च 2026
— नामांकन जांच: 6 मार्च 2026
— नाम वापसी अंतिम: 9 मार्च 2026
— मतदान और मतगणना: 16 मार्च 2026

अंत में

यह चुनाव केवल सीटों की लड़ाई नहीं, बल्कि बिहार के राजनीतिक समीकरणों, गठबंधन मजबूती और नए चेहरे की राजनीति का संदेश भी है।
क्या पवन सिंह राज्यसभा में पहुंच पाएंगे?
क्या उपेन्द्र कुशवाहा अपने राजनीतिक करियर को बचा पाएंगे?
और क्या खेसारी लाल यादव का राजनीति से दूरी बन पायेगी — यह देखने वाला विषय रहेगा।

HM News India
Author: HM News India

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