कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की सरकार पर एक बार फिर सरकारी जमीनों के दुरुपयोग को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने दावा किया है कि राज्य में कांग्रेस और नगर निकायों की बहुमूल्य जमीन बेहद कम कीमत पर कांग्रेस से जुड़े एक न्यास को सौंप दी गई है।
बुधवार को इस मुद्दे पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने पत्रकार वार्ता कर आरोप लगाया कि कर्नाटक में आम जनता की सुविधाओं के लिए सुरक्षित की गई जमीनें अब राजनीतिक दल के कार्यालय बनाने के लिए दी जा रही हैं।
उन्होंने सीधे तौर पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार की पहचान बन चुकी है और सरकारी संपत्तियों को निजी फायदे में बदलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस तरह पहले सरकारी संपत्तियों को निजी नियंत्रण में लाने के मामले सामने आए थे, उसी तरह अब कर्नाटक में भी वही तरीका दोहराया जा रहा है।
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस से जुड़े कांग्रेस भवन न्यास को कर्नाटक सरकार ने कुल 24 भूखंड सौंपे हैं। इनमें से 12 भूखंड नगर निगम प्रशासन से और 12 भूखंड शहरी विकास विभाग से दिए जाने का दावा किया गया है।
भाजपा का कहना है कि इन जमीनों का बाजार मूल्य लगभग 40 से 50 करोड़ रुपये है, लेकिन कांग्रेस भवन न्यास को ये सभी भूखंड केवल 2 करोड़ रुपये में दे दिए गए। गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार का सरकारी जमीनों के प्रति झुकाव लगातार बढ़ता जा रहा है और कर्नाटक में लगभग दो दर्जन ऐसी जमीनें, जिनका उपयोग नागरिक सुविधाओं के लिए होना था, अब जनहित के बजाय पार्टी हित में इस्तेमाल की जा रही हैं।
उन्होंने रॉबर्ट वाड्रा का भी नाम लेते हुए कहा कि कांग्रेस से जुड़े लोग पहले भी जमीन से जुड़े मामलों में विवादों में रहे हैं। भाजपा ने यह भी दावा किया कि जिस तरह कांग्रेस देश के कई हिस्सों से राजनीतिक रूप से कमजोर हुई है, उसी तरह एक दिन वह कर्नाटक से भी समाप्त हो जाएगी और पार्टी हर स्तर पर इस कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ेगी।
इधर, भारतीय जनता पार्टी कर्नाटक इकाई ने एक कदम आगे बढ़ते हुए राज्य सरकार पर कुल 31 सरकारी भूखंड अवैध रूप से कांग्रेस को देने का आरोप लगाया है और सभी आवंटन तुरंत रद्द करने की मांग की है।
कर्नाटक विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष चलावड़ी नारायणस्वामी ने कहा कि तालुक, जिला और पंचायत स्तर पर नागरिक सुविधाओं के लिए आरक्षित स्थलों को नियमों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के उपयोग के लिए दे दिया गया है।
उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि कांग्रेस भवन न्यास को इस तरह की जमीन देने का कोई प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद मंत्रिमंडल से विशेष मंजूरी लेकर राजस्व विभाग की 5 और स्थानीय निकायों की 26 जमीनें मिलाकर कुल 31 भूखंड आवंटित कर दिए गए।
नारायणस्वामी ने पूरे मामले की कानूनी जांच कराने, सभी आवंटन तत्काल रद्द करने और जमीन सरकार को वापस सौंपने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो भाजपा पूरे कर्नाटक में आंदोलन शुरू करेगी।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में करीब दो लाख चौरासी हजार सरकारी पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार का ध्यान रोजगार और जनहित के मुद्दों के बजाय कथित जमीन घोटालों में उलझा हुआ है।
भाजपा ने राज्य सरकार को भ्रष्ट, विकास विरोधी और आम जनता के मुद्दों के प्रति उदासीन बताते हुए कहा है कि इस पूरे मामले को अंतिम स्तर तक ले जाया जाएगा।

















