दिल्ली मेट्रो औसतन 35-40 किमी प्रति घंटे की स्पीड से चलती है।

वहीं, मेरठ मेट्रो का डिज़ाइन 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक के लिए किया गया है। यह सिर्फ तकनीकी छलांग नहीं, बल्कि आने वाले समय का ट्रांसपोर्टेशन मॉडल है। इसमें हाईटेक ट्रेन कंट्रोल, ऑटोमेशन और बेहतर सुरक्षा सुविधाएं होंगी।दिल्ली मेट्रो जहां रोजाना 60 लाख से ज्यादा यात्रियों की जरूरतें पूरी करती है, वहीं मेरठ मेट्रो खास तौर पर दिल्ली और वेस्ट यूपी के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी। इससे मेरठ से दिल्ली आने-जाने वाले छात्र, कारोबारी और नौकरीपेशा लोगों को घंटों की बजाय मिनटों में मंज़िल तक पहुंचने का फायदा होगा।
तो क्या मेरठ मेट्रो दिल्ली मेट्रो से बेहतर है? नेटवर्क और कवरेज में दिल्ली मेट्रो अभी भी आगे है, लेकिन तकनीक, रफ्तार और आधुनिकता के मामले में मेरठ मेट्रो आने वाले समय में राजधानी की मेट्रो को टक्कर देती नजर आ सकती है।

















