दिल्ली हाई कोर्ट में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब कोर्ट प्रशासन को एक ईमेल द्वारा बम धमकी मिली। ई-मेल सीधे हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भेजा गया था, जिसमें कहा गया था कि “जज चैंबर्स” में बम रखा गया है और किसी भी समय विस्फोट हो सकता है। धमकी का समय बेहद संवेदनशील था क्योंकि अदालत में कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई चल रही थी।

जानकारी के अनुसार धमकी भरा ईमेल सुबह दस बजकर 41 मिनट पर कोर्ट प्रशासन को मिला की तीन आईईडी कोर्ट परिसर में लगाए गए है और शुक्रवार को नमाज के बाद इन्हे उदय जायेगा। धमकी में एक विवादास्पद और भड़काऊ भासा का भी इस्तेमाल किया गया,जिसे सुरक्षा एजेंसियों ने गंभीरता से लिया। कोर्ट कोर्ट प्रसाशन ने तुरंत दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया उसके बाद कोर्ट परिसर को खाली कराया गया ,सभी न्यायधिशो ने अपनी सुनवाई अधूरी छोड़ दी और बेंच उठ गई वकीलों, मुवक्किलों और कर्मचारियों को इमारत से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squad), डॉग स्क्वॉड और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। पुलिस ने पूरे परिसर को सील कर तलाशी अभियान शुरू किया। हर कोना, हर गाड़ी और हर चैंबर की बारीकी से जांच की गई। अभी तक किसी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक का पता नहीं चला है, लेकिन तलाशी जारी है।

दिल्ली हाई कोर्ट को मिली बम धमकी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि न्यायालय जैसी संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता की ज़रूरत है। फिलहाल किसी भी विस्फोटक के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस और सुरक्षा बल चौकन्ने हैं। यह धमकी चाहे असली हो या झूठी, इसने कोर्ट की कार्यवाही और आम लोगों के विश्वास दोनों पर गहरा असर डाला है।

















