25 जून केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र पर हुए सबसे बड़े प्रहार की स्मृति का दिन है: गजेंद्र सिंह शेखावत
जनता मालिक है, सत्ता उसकी सेवा का माध्यम है, यह भाव ही मोदी सरकार की कार्यसंस्कृति का मूल है: गजेंद्र सिंह शेखावत
इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर लोकतंत्र की आत्मा को कुचला और घायल किया: गजेंद्र सिंह शेखावत
आपातकाल केवल राजनीतिक संकट नहीं था, बल्कि लाखों परिवारों की पीड़ा की कहानी भी था: गजेंद्र सिंह शेखावत
रोहतक आपातकाल के उस कालखंड का साक्षी है: शेखावत
भारत को सामरिक रूप से आत्मनिर्भर, आर्थिक रूप से संपन्न और तकनीकी क्षेत्र में विश्व का पुरोधा राष्ट्र बनाना है: शेखावत
आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता, राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ सहित भाजपा नेताओं ने आपातकाल को लोकतंत्र का काला अध्याय बताया
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता, राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ ने 100 से अधिक लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया
चंडीगढ़, 25 जून। आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर गुरुवार को रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में भाजपा ने ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में कार्यक्रम आयोजित कर आपातकाल को लोकतंत्र का काला अध्याय बताया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता और राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ समेत कई नेताओं ने 100 से अधिक लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिजनों को सम्मानित किया। सभी नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आपातकाल को लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला बताया तथा नई पीढ़ी को उस दौर से सबक लेने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम स्थल पर आपातकाल से जुड़ी प्रदर्शनी भी लगाई गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि जनता मालिक है, सत्ता उसकी सेवा का माध्यम है, यह भाव ही मोदी सरकार की कार्यसंस्कृति का मूल है। प्रधानमंत्री मोदी के लिए लोकतंत्र राष्ट्र जीवन की आत्मा है। संविधान हत्या दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक मर्यादाओं और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव सजग रहना होगा।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि 25 जून केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र पर हुए सबसे बड़े प्रहार की स्मृति का दिन है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान, संघर्ष और त्याग से प्राप्त लोकतंत्र को 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर कुचलने का प्रयास किया था।
शेखावत ने कहा कि हजारों स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, यातनाएं सही और काल कोठरियों में जीवन बिताया। ऐसे बलिदानों से प्राप्त लोकतंत्र की आत्मा को इंदिरा गांधी ने आपातकाल के दौरान घायल किया और कुचला गया। उस समय मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए, प्रेस की स्वतंत्रता समाप्त कर दी गई और विपक्षी नेताओं को जेलों में बंद कर दिया गया।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने कहा कि संविधान हत्या दिवस मनाने का उद्देश्य किसी के प्रति कटुता रखना नहीं, बल्कि इतिहास से सीख लेकर भविष्य में ऐसी परिस्थितियां दोबारा उत्पन्न न होने देने का संकल्प लेना है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र भारत की आत्मा और उसके डीएनए में है। भारत में लोकतांत्रिक परंपराएं प्राचीन काल से रही हैं और वैशाली जैसे गणराज्य इसका प्रमाण हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 12 जून 1975 को न्यायालय द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव को निरस्त किए जाने के बाद देश में आपातकाल लागू किया गया। मीडिया पर सेंसरशिप लगाई गई और मीसा कानून के तहत अनेक नेताओं को जेलों में डाल दिया गया। उन्होंने कहा कि जय प्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले आंदोलन ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए देशभर में जनजागरण का कार्य किया।
उन्होंने कहा कि आपातकाल केवल राजनीतिक संकट नहीं था, बल्कि लाखों परिवारों की पीड़ा की कहानी भी था। जबरन नसबंदी, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश और आम नागरिकों पर अत्याचार उस दौर की कड़वी सच्चाइयां थी। उन्होंने कहा कि रोहतक और हरियाणा भी उस कालखंड के महत्वपूर्ण साक्षी रहे हैं।
शेखावत ने कहा कि इतिहास गवाह है कि लोकतंत्र को दबाने के हर प्रयास का अंत हुआ है। वर्ष 1977 के चुनाव में देश की जनता ने अपने मताधिकार के माध्यम से अहंकारी शासन को सत्ता से बाहर कर लोकतंत्र की ताकत का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि संविधान हत्या दिवस हमें लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और संविधान की मर्यादा बनाए रखने का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान लोगों का लोकतंत्र पर विश्वास डगमगाने लगा था। उस समय भ्रष्टाचार चरम पर था और देश कई मोर्चों पर चुनौतियों का सामना कर रहा था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में जनता ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा और एनडीए को अवसर दिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में आज एनडीए सरकार उस विश्वास पर खरा उतरते हुए वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।
श्री शेखावत ने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों में जनता का लोकतंत्र और सरकार पर विश्वास मजबूत हुआ है। देश आर्थिक प्रगति के साथ-साथ सामरिक रूप से भी सशक्त बन रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का निर्माण केवल आर्थिक उन्नति तक सीमित नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक रूप से समृद्ध, अपनी जड़ों से जुड़ा और जागरूक लोकतांत्रिक समाज भी इसकी आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि ऐसी पीढ़ी तैयार करने की आवश्यकता है, जिसमें सभ्यतागत चेतना हो, जो भारतीय संस्कृति और मूल्यों पर गर्व करे तथा राष्ट्रविरोधी और आसुरी शक्तियों का सामना करने के लिए सदैव तैयार रहे। नागरिकों को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध होना चाहिए। संविधान पर गर्व करते हुए कर्तव्यनिष्ठ समाज का निर्माण ही विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत को सामरिक रूप से आत्मनिर्भर, आर्थिक रूप से संपन्न और तकनीकी क्षेत्र में विश्व का पुरोधा राष्ट्र बनाना है। साथ ही देश को दुनिया का सबसे जागरूक लोकतंत्र बनाने का संकल्प भी लेना होगा।
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम विकसित भारत के इस संकल्प का बीजारोपण है। आपातकाल को याद करते हुए शेखावत ने कहा कि वह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का अंधकारमय अध्याय था, जिससे सीख लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक मजबूत करना समय की आवश्यकता है।

इंदिरा गांधी द्वारा लगाया गया आपातकाल लोकतंत्र पर सबसे बड़ा प्रहार: डॉ. अर्चना गुप्ता
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता ने संविधान हत्या दिवस पर लोकतंत्र सेनानियों को किया नमन, कांग्रेस पर साधा निशाना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 25 जून 1975 स्वतंत्र भारत के इतिहास का वह काला अध्याय है, जब लोकतंत्र और संविधान पर सबसे बड़ा हमला किया गया था। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र सेनानियों ने भारी यातनाएं सहन की, लेकिन लोकतत्र की लौ को बुझने नहीं दिया। लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और बलिदान के कारण ही देश में लोकतंत्र सुरक्षित रह सका। उन्होंने कहा कि आज का यह कार्यक्रम लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में आयोजित किया गया है। इस मौके पर उन्होंने डा. मंगल सेन को भी नमन किया।
डॉ. अर्चना गुप्ता ने लोकतंत्र सेनानियों और आंदोलन में शामिल रहे सभी संघर्षशील कार्यकर्ताओं को नमन करते हुए कहा कि आज का दिन केवल स्मरण का नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी को जागरूक करने का दिन भी है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है कि भविष्य में कभी भी सत्ता संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हावी न हो सके। उन्होंने कहा कि भारत किसी एक परिवार या राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि जन-जन का देश है और विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस और उसके नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि 2024 के लोकसभा चुनावों में राहुल गांधी ने संविधान को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास किया और झूठा नैरेटिव खड़ा कर सत्ता हासिल करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है, इसलिए लोगों को ऐसे भ्रामक प्रचार से सावधान रहने की जरूरत है।
डा. अर्चना गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस को कभी देशहित की चिंता नहीं रही और अब उसके नेता विदेशी मंचों पर भी भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करते हैं। डॉ. गुप्ता ने कहा कि भाजपा का विरोध करते-करते कांग्रेस कई बार राष्ट्रहित के खिलाफ खड़ी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 वैक्सीन बनने पर भी कांग्रेस नेताओं ने उसका विरोध किया और लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की, जबकि करोड़ों भारतीयों ने वैक्सीन लगवाकर अपना जीवन सुरक्षित किया।
रोहतक जेल को बनाया जाएगा अनुभव केंद्र
डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि आपातकाल के दौरान रोहतक की जेल लोकतंत्र की लड़ाई का बड़ा केंद्र रही थी। उन्होंने कहा कि इसी जेल में वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी और जयप्रकाश नारायण जैसे प्रमुख नेता बंद रहे थे, जो लोकतंत्र बचाने के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को आपातकाल की सच्चाई से अवगत कराने के लिए रोहतक जेल परिसर को अनुभव केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे युवाओं को यह जानने का अवसर मिलेगा कि आपातकाल के दौरान किस प्रकार लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हुआ था।
डा. अर्चना गुप्ता ने लोकतंत्र सेनानियों, शहीदों और आपातकाल के दौरान संघर्ष करने वाले सभी लोगों को श्रद्धापूर्वक नमन किया तथा कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और बस्ती-बस्ती जाकर आपातकाल की वास्तविकता से लोगों को अवगत कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए प्रत्येक नागरिक को सजग रहना होगा तथा किसी भी भ्रामक प्रचार से बचते हुए सत्य के पक्ष में खड़ा होना होगा।
लोकतंत्र को कमजोर करने वाली मानसिकता को पहचानना और उससे सावधान रहना जरूरी है: धनखड़
आपातकाल के दौरान लोकतंत्र सेनानियों ने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की: धनखड़
संविधान हत्या दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ ने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि समाज के लिए उस कठिन और बुरे दौर को याद रखना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां दोबारा पैदा न हों। उन्होंने ने कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने वाली मानसिकता को पहचानना और उससे सावधान रहना भी समाज की जिम्मेदारी है।
ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि आपातकाल के दौरान नागरिक अधिकारों पर अंकुश लगाया गया था। उस समय लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने पूर्व मुख्य न्यायाधीश एच.आर. खन्ना के साहस का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने न्यायपालिका की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उस दौर में न्यायालयों की शक्तियों को सीमित करने और आपातकाल के खिलाफ कानूनी चुनौतियों को कमजोर करने के प्रयास किए गए थे।
श्री धनखड़ ने कहा कि आपातकाल के दौरान आम लोगों में भय का वातावरण था। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए और विरोध के स्वर दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने नसबंदी अभियान और प्रशासनिक दमन का भी जिक्र करते हुए कहा कि उस समय जनता के अधिकार प्रभावित हुए थे।
राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि लोकतंत्र आज उन लोकतंत्र सेनानियों की बदौलत मजबूत है जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की। उन्होंने कहा कि भारत में किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि संविधान और जनता की सर्वाेच्चता का शासन है।
इस मौके पर मंत्री विधानसभा के उपाध्यक्ष कृष्ण मिड्डा, डा. अरविंद शर्मा, मंत्री कृष्ण पंवार, सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह, कार्यक्रम के संयोजक एवं राज्यसभा सांसद संजय भाटिया, कृष्ण मिढा, जिला अध्यक्ष रणबीर ढाका, कुलपति डा पूनिया, विधायक राम कुमार गौतम, देवेंद्र अत्री, सतेंद्र परमार, कपूर वाल्मिकी, पूर्व राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, नितिन जैन, अभिनन्दन भारद्वाज, मेयर राम अवतार वाल्मीकि, सरिता नारायाण, विधायक, पार्टी पदाधिकारी, जिलों से आए जिला अध्यक्ष एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।

















