गुरुग्राम, 23 जून।
डीसी उत्तम सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले में लंबित राजस्व मामलों, राजस्व संग्रहण तथा विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में डीसी ने जमाबंदी, भूमि सीमांकन (डिमार्केशन), म्यूटेशन, राजस्व वसूली एवं राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी प्रकरणों का समयबद्ध एवं प्रभावी निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व सेवाओं का सुचारू संचालन और आमजन को त्वरित राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
बैठक के दौरान डीसी ने विशेष रूप से लंबित रिकवरी मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन संस्थाओं के विरुद्ध वसूली की कार्रवाई लंबित है, उनकी अचल संपत्तियों का पूरा विवरण एकत्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था की संपत्तियां यदि अलग-अलग तहसीलों में स्थित हैं तो संबंधित तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार आपसी समन्वय स्थापित कर कार्रवाई को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली के मामलों में किसी एक तहसील तक सीमित रहने के बजाय सभी तहसीलों को संयुक्त रूप से कार्य करना होगा।
डीसी उत्तम सिंह ने राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों का शीघ्र निपटान मेरिट के आधार पर करने के निर्देश देते हुए कहा कि आमजन को समय पर न्याय उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि म्यूटेशन से संबंधित मामलों में किसी प्रकार की अनावश्यक पेंडेंसी न रहे तथा प्रत्येक आवेदन का नियमानुसार त्वरित निस्तारण किया जाए। साथ ही भूमि सीमांकन एवं अन्य राजस्व सेवाओं से जुड़े मामलों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में बादशाहपुर के एसडीएम संजीव सिंगला, गुरुग्राम के एसडीएम हितेंद्र कुमार, पटौदी के एसडीएम दिनेश लुहाच, मानेसर के एसडीएम दर्शन यादव, सोहना के एसडीएम अखिलेश यादव, जिला राजस्व अधिकारी विजय यादव सहित जिले के सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।


















