न्यूयार्क/नई दिल्ली,18:06:2026, कॉन्सुल जनरल बिनय श्रीकांत ने जाने-माने आध्यात्मिक गुरु और शांति के पैरोकार आचार्य लोकेशजी का अमेरिका की शांति सद्भावना यात्रा के तहत न्यूयार्क पहुंचने पर कॉन्सुलट में शाल ओढ़ाकर स्वागत किया। उन्होंने नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने और सामाजिक बुराइयों, नशीली दवाओं की लत और पर्यावरण प्रदूषण से निपटने के लिए ‘अहिंसा विश्व भारती’ के ज़रिए किए जा रहे आचार्य लोकेशजी वैश्विक प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर आचार्य लोकेशजी के साथ अहिंसा विश्व भारती फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री करमजीत सिंह धालीवाल, मनप्रीत सिंह धालीवाल, मिस अवलीना पोलैण्ड एवं संजु मिश्रा उपस्थित थे।
अहिंसा विश्व भारती, विश्व शांति केंद्र के संस्थापक एवं ‘वी सपोर्ट पीस, अभियान के प्रवर्तक विश्व शांतिदूत आचार्य लोकेशजी ने इस अवसर पर अमेरिका ईरान शांति समझौते का ज़िक्र करते हुए शांति समझौते का स्वागत किया एवं इसके लिए उन्होंने अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप सहित सभी पक्षों को साधुवाद दिया।उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह खुशी का विषय है कि ‘वी सपोर्ट पीस’ अभियान के संदेश को सभी पक्षों ने महत्व दिया।
आचार्य लोकेशजी ने कहा कि युद्ध और हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकते। हिंसा केवल प्रतिहिंसा को जन्म देती है, युद्ध मानवता के लिए अभिशाप हैं। उन्होंने कहा कि युद्धों के कारण जन-धन की हानि, महंगाई, बेरोजगारी, महामारी और मानवीय संकट उत्पन्न होते हैं, जिसका दुष्प्रभाव आने वाली पीढ़ियों तक पड़ता है। इसलिए विश्व के सभी देशों और समाजों को संवाद, समझदारी और परस्पर सम्मान के माध्यम से मतभेदों का समाधान खोजने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। विश्व में शांति और सद्भावना के वातावरण से ही समग्र विकास संभव है।
अहिंसा विश्व भारती फाउंडेशन के अध्यक्ष करमजीत सिंह धालीवाल ने कॉन्सुल जनरल बिनय श्रीकांत के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।


















