बढ़ती महंगाई के चलते घाटा झेल रहे पशुपालक – दिग्विजय चौटाला

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चंडीगढ़, 16 जून। जननायक जनता पार्टी के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा है कि आज रोजमर्रा की चीजों में भारी बढ़ोत्तरी ने आम आदमी की कमर तोड दी है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई का सबसे ज्यादा नुकसान पशुपालकों को उठाना पड़ रहा है, जिन्हें अपने दुधारू पशुओं के लिए महंगी कीमतों पर चारे के साथ-साथ खल बिनौले खरीदने पड़ रहे है। दिग्विजय ने कहा कि मौजूदा स्थिति में पशुपालन बड़े घाटे में जा रहे हैं।

दिग्विजय चौटाला ने पशुपालकों का समर्थन करते हुए कहा कि जहां आज के समय में अच्छी दुधारू भैंस करीबन 2 से 3 लाख में खरीदी जाती है, वहीं गाय की कीमत 50 हजार से एक लाख के करीब है। यदि चारे की बात की जाए तो बाजार में बिनौला का भाव 2500 रूपये में 49 किलो, चना चूरी 4100 रूपए में 100 किलो, चना खंडा 4800 रूपए में 100 किलो, राजधानी खंडा 6500 रूपए में 100 किलो, मेथी 7200 रूपए, सोयाबीन 6500 रूपए, मक्का 2500 रूपए, गेहूं चोकर 2900 रूपए, सरसों खल 3000 रुपए तक के लगभग मिल रही है। वही दूध 55-62 रुपए प्रति लीटर भैंस का जबकि गाय का दूध 40-45 रूपये ही बिक रहा है। इस तरह से दुग्ध उत्पादकों को भारी घाटे का सामना करना पड़ रहा है।

दिग्विजय चौटाला ने भाजपा सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार दुग्ध उत्पादकों को उक्त चारों में छूट दें ताकि पशुपालक बर्बाद होने से बच सके। साथ ही उन्होंने चिंता भी जताई कि यदि इसी तरह से भाजपा सरकार रोजमर्रा की चीजों में बढ़ोतरी करती रही तो दुग्ध उत्पादकों के लिए पशु पालना टेढ़ी खीर साबित होगी और वह दिन भी दूर नहीं होगा जब किसान और दुग्ध उत्पादक पशु पालना छोड़ देंगे।

HM News India
Author: HM News India

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