पंजाब को लोग प्रवासियों को छोटा भाई समझते है -अजय तिवारी 

प्रवासियों के वोट तो सभी राजनीतिक दल चाहते हैं, लेकिन जब उन्हें राजनीतिक हिस्सेदारी देने की बात आती है तो अक्सर उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है। इसी मुद्दे को लेकर फरीदाबाद में आयोजित भारतीय प्रवासी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक डॉ. अजय तिवारी ने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। देशभर से पहुंचे कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि अब प्रवासी समाज केवल वोट बैंक बनकर नहीं रहेगा, बल्कि अपनी राजनीतिक पहचान और अधिकारों के लिए मजबूती से आवाज उठाएगा।फरीदाबाद में आयोजित इस राष्ट्रीय अधिवेशन में पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों और विभिन्न राज्यों से आए कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे डॉ. अजय तिवारी का ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

अधिवेशन को संबोधित करते हुए डॉ. अजय तिवारी ने पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रवासी जनता पार्टी पंजाब की 50 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। तिवारी का कहना था कि पंजाब में बड़ी संख्या में प्रवासी समाज के लोग रहते हैं और उनकी पार्टी उनकी आवाज बनकर चुनावी मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा कि प्रवासी समाज वर्षों से देश और विभिन्न राज्यों के विकास में अहम योगदान देता आया है, लेकिन राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मामले में उसे हमेशा पीछे रखा गया है डॉ  . अजय तिवारी ने आरोप लगाया कि देश की अधिकांश राजनीतिक पार्टियां प्रवासी समाज के वोट तो लेना चाहती हैं, लेकिन उन्हें नेतृत्व और निर्णय प्रक्रिया में उचित स्थान देने से बचती हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि वे गुरुग्राम लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर चुके थे, लेकिन अंतिम समय में टिकट किसी अन्य उम्मीदवार को दे दिया गया।उन्होंने कहा कि यह केवल उनकी व्यक्तिगत पीड़ा नहीं, बल्कि देशभर के लाखों प्रवासियों की भावना है, जिन्हें वोट बैंक के रूप में तो देखा जाता है, लेकिन नेतृत्व की भूमिका में पर्याप्त अवसर नहीं दिए जाते। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी बड़े भाई-छोटे भाई के रिश्ते और सामाजिक सौहार्द के संदेश के साथ जनता के बीच जाएगी।तिवारी ने कहा कि यदि पंजाब की जनता उनकी पार्टी को मौका देती है तो विकास, रोजगार, शिक्षा और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी केवल पंजाब ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों में होने वाले चुनावों में भी पूरी मजबूती के साथ भाग लेगी।

 

अधिवेशन के दौरान डॉ. अजय तिवारी ने पार्टी की सामाजिक और आर्थिक नीतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों की वार्षिक आय 2 लाख 40 हजार रुपये से कम है, उन्हें स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से प्रत्येक राज्य में प्रवासी कल्याण बोर्ड के गठन की मांग करते हुए कहा कि इससे प्रवासी श्रमिकों और कामगारों की समस्याओं का बेहतर समाधान हो सकेगा। साथ ही लोगों को अपने ही राज्यों में रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाना चाहिए।वहीं, गुरुग्राम लोकसभा चुनाव के दौरान अपने कुछ पुराने साथियों की नाराजगी के सवाल पर डॉ. अजय तिवारी ने कहा कि उनके मन में किसी के प्रति कोई शिकायत या नाराजगी नहीं है। उन्होंने कहा कि जो भी साथी उन्हें बुलाएगा, वह उसके बीच अवश्य जाएंगे। उनका उद्देश्य लोगों को जोड़ना है, तोड़ना नहीं।

फरीदाबाद में आयोजित यह राष्ट्रीय अधिवेशन भारतीय प्रवासी जनता पार्टी के लिए शक्ति प्रदर्शन के साथ-साथ आगामी चुनावों की रणनीति तय करने का भी मंच बना। पंजाब की 50 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद अब राजनीतिक गलियारों की नजर इस बात पर रहेगी कि प्रवासी समाज के मुद्दों को केंद्र में रखकर राजनीति करने वाली यह पार्टी आगामी चुनावों में कितना प्रभाव छोड़ पाती है।

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