- नालसा स्पृहा योजना-2025 के तहत बंदियों के आश्रित परिवारों की सहायता के लिए डीएलएसए गुरुग्राम की विशेष पहल
- आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक एवं विधिक सहायता से जोड़े जाएंगे पात्र परिवार
- बच्चों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों एवं अन्य संवेदनशील आश्रितों पर रहेगा विशेष फोकस
गुरुग्राम, 9 जून।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), गुरुग्राम द्वारा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की स्पृहा योजना-2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष डीएलएसए नरेंद्र सुरा के मार्गदर्शन तथा मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी-सह-सचिव डीएलएसए निशा के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है।
नालसा द्वारा शुरू की गई यह योजना कारावास में बंद व्यक्तियों के आश्रित परिवारों तथा अन्य कमजोर एवं प्रभावित वर्गों को विधिक, सामाजिक, शैक्षिक, मनोवैज्ञानिक एवं कल्याणकारी सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू की गई है।
योजना के तहत डीएलएसए गुरुग्राम द्वारा जेल प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर ऐसे बंदियों की पहचान की जा रही है, जिनके परिवार आर्थिक कठिनाइयों, बच्चों की शिक्षा में व्यवधान, सामाजिक उपेक्षा, मानसिक तनाव अथवा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होने जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
जेल प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि वह बंदियों, डीएलएसए अधिकारियों, पैनल अधिवक्ताओं तथा पैरा लीगल वालंटियर्स के बीच संवाद स्थापित करने में सहयोग प्रदान करे, ताकि पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं आवश्यक सहायता से जोड़ा जा सके। अभियान के अंतर्गत विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग व्यक्तियों तथा अन्य संवेदनशील आश्रितों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
डीएलएसए गुरुग्राम इस पहल के माध्यम से पात्र परिवारों को निःशुल्क विधिक सहायता, शिक्षा सहायता, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, स्वास्थ्य सेवाएं, परामर्श सेवाएं, पुनर्वास, कौशल विकास तथा आजीविका से जुड़े अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित करेगा।
नरेंद्र सुरा ने कहा कि न्याय तक पहुंच केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं है। कारावास में बंद व्यक्तियों के निर्दोष परिवारजन भी सम्मानजनक जीवन और अपने विधिक अधिकारों के संरक्षण के हकदार हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों एवं संस्थाओं से योजना के सफल क्रियान्वयन में सहयोग करने का आह्वान किया।
निशा ने बताया कि डीएलएसए गुरुग्राम द्वारा नियमित जेल भ्रमण, विधिक जागरूकता कार्यक्रम, परामर्श सेवाएं तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभार्थियों को जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने समाजसेवी संस्थाओं एवं आमजन से भी पात्र लाभार्थियों की पहचान और सहायता में सहयोग करने की अपील की।
डीएलएसए गुरुग्राम ने सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं हितधारकों से अनुरोध किया है कि वे ऐसे जरूरतमंद परिवारों की जानकारी साझा करें, ताकि उन्हें नालसा स्पृहा योजना-2025 के अंतर्गत समयबद्ध सहायता प्रदान की जा सके। अधिक जानकारी अथवा सहायता के लिए इच्छुक व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम अथवा निकटतम विधिक सेवा क्लीनिक से संपर्क कर सकते हैं।

















