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July 22, 2026 6:42 am

संयुक्त राज्य अमेरिका का सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ पर 175 अरब डॉलर रिफंड की मांग तेज

24 फरवरी 2026

अमेरिका में इस समय एक बड़ा राजनीतिक और आर्थिक विवाद सामने आया है। संयुक्त राज्य अमेरिका का सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप सरकार के टैरिफ को अवैध करार दिए जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या करीब एक सौ पचहत्तर अरब डॉलर की वसूली गई राशि जनता को वापस मिलेगी।

यह टैरिफ नीति पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान लागू की गई थी। अब विपक्षी पार्टी डेमोक्रेटिक पार्टी ने इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है।

तीन डेमोक्रेट सीनेटरों ने टैरिफ रिफंड को लेकर नया विधेयक पेश किया है। इनमें रॉन वाइडन, एड मार्की और जीन शहीन शामिल हैं।

प्रस्ताव के अनुसार, अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन को 180 दिनों के भीतर टैरिफ का रिफंड जारी करना होगा और लौटाई जाने वाली राशि पर ब्याज भी देना होगा।

इस विधेयक में छोटे कारोबारियों को प्राथमिकता देने और बड़ी कंपनियों से यह सुनिश्चित करने की अपील की गई है कि रिफंड का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचे।

डेमोक्रेट नेताओं का कहना है कि अवैध टैरिफ की वजह से अमेरिकी परिवारों, छोटे व्यापारियों और उत्पादकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और राहत की शुरुआत पैसा लौटाने से ही होनी चाहिए।

हालांकि, इस विधेयक के पारित होने की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है। लेकिन राजनीतिक संकेत साफ है कि डेमोक्रेटिक पार्टी अब ट्रंप प्रशासन पर सार्वजनिक दबाव बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं ट्रंप प्रशासन का कहना है कि उनके हाथ बंधे हुए हैं और किसी भी प्रकार का रिफंड आगे की अदालती प्रक्रिया के बाद ही संभव होगा।

नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले यह मुद्दा अमेरिका में टैक्स, महंगाई और व्यापार नीति को लेकर एक बड़ा राजनीतिक हथियार बनता जा रहा है।

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