गुरुग्राम: 13 फरवरी 2026`
- फर्जी अधिकारी बनकर झूठे केस की धमकी देते हुए डिजिटल अरेस्ट करके ठगी करने के मामले में 01 आरोपी गिरफ्तार।
- जियो सिम कार्ड को ई-सिम कार्ड में कन्वर्ट करके QR कोड के माध्यम से साईबर फ्रॉड करने वाले लोगों को भेजता था आरोपी।
- साईबर फ्रॉड करने वाले लोगों के फोन में एप्पल स्टोर पर लोन ऐप करता था एनरोलमेंट/रजिस्टर्ड।
- कब्जा से 87 जियो सिमकार्ड, 42 मोबाईल फोन व 01 लैपटॉप बरामद।
- आरोपी 2100 जियो की ई सिम कार्ड दे चुका है कंबोडिया में बैठे साइबर ठगो को
▪️दिनांक 28.10.2025 को एक व्यक्ति ने पुलिस थाना साईबर अपराध पश्चिम, गुरुग्राम में एक लिखित शिकायत के माध्यम से बतलाया कि इसके पास एक व्हाट्सऐप के माध्यम से वीडियो कॉल आया और फोन करने वाले ने स्वयं को एनआईए का अधिकारी बताया व शिकायतकर्ता के बैंक के खाते में किसी अवैध गतिविधि का 70 लाख रूपये कमीशन इसके बैंक खाते में आने के बारे में बताया व फिर इसको डराते हुए इसको डिजिटल अरेस्ट करके इससे रुपए ट्रांसफर करवा लिए। इस शिकायत पर पुलिस थाना साईबर अपराध पश्चिम, गुरुग्राम में सबन्धित धाराओं के तहत अभियोग अंकित किया गया।
▪️श्री प्रियांशु दीवान HPS, सहायक पुलिस सहायक साईबर अपराध, गुरुग्राम के नेतृत्व में कार्यवाही करते हुए निरीक्षक संदीप कुमार, प्रबंधक थाना साईबर अपराध पश्चिम, गुरुग्राम की पुलिस टीम ने उपरोक्त अभियोग में 01 आरोपी को अभियोग में नियमानुसार गिरफ्तार किया गया, जिसकी पहचान *रजत (उम्र-28 वर्ष, शिक्षा-बीकॉम) निवासी रेलवे कॉलोनी हासीमारा, जिला अलीपुरद्वार (पश्चिम-बंगाल)* के रूप में हुई। पुलिस टीम द्वारा आरोपी को दिनांक 08.02.2026 को हाशिमारा पश्चिम-बंगाल से काबू किया गया तथा दिनांक 09.02.2026 को माननीय न्यायालय में पेश करके आरोपी को 03 दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया।
▪️आरोपी से पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि उपरोक्त अभियोग में प्रयोग हुआ जियो का मोबाइल नंबर आरोपी जश्विंद्र व अरुण द्वारा फर्जी तरीके से आरोपी शाकिकुल उर्फ सतीक को 650 रूपये में बेचा था। आरोपी शाकिकुल उर्फ सतीक ने उक्त सिम कार्ड को स्पीड पोस्ट के माध्यम से आरोपी रजत को 1100 रूपये में बेचा था। आरोपी रजत ने बताया कि यह आरोपी शाकिकुल उर्फ सतीक से सिम कार्ड मंगवाता है व प्रति सिम कार्ड के 1100 रूपये आरोपी शाकिकुल उर्फ सतीक को देता है। यह इन सिम कार्ड को एप्पल मोबाइल फोन के माध्यम से ई-सिम कार्ड में कन्वर्ट करके टेलीग्राम के माध्यम से कंबोडिया में बैठे साईबर फ्रॉड करने वाले व्यक्तियों को बेचता है, प्रत्येक जियो ई-सिम कार्ड के बदले इसको (आरोपी रजत) को 22 USDT मिलते है। आरोपी (रजत) ने बताया कि इसने अब तक लगभग 2100 सिम कार्ड को ई-सिम कार्ड में कन्वर्ट करके कंबोडिया में साईबर फ्रॉड करने वाले व्यक्तियों को भेज चुका है। यह (आरोपी रजत) उपरोक्त फ्रॉड करने वाले व्यक्तियों के माध्यम से फर्जी लोन ऐप को एप्पल ऐप स्टोर/गूगल प्ले स्टोर पर एनरोलमेंट करवाकर उपरोक्त साईबर फ्रॉड करने वाले व्यक्तियों को ऐप एनरोलमेंट नंबर/रजिस्टर्ड नंबर भेज देता है जिसके लिए इसको 3000 रूपये प्रति ऐप एनरोलमेंट के मिलते थे। उपरोक्त व्यक्ति इन फर्जी लोन ऐप के माध्यम से साईबर फ्रॉड की वारदात को अंजाम देते है। आरोपी ने बताया कि इसने अब तक ई-सिम, ऐप एनरोलमेंट से कुल 19050 USDT मिले है जो इसने EQUITAS ऐप के माध्यम से रूपये में कन्वर्ट करके अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर लिए, फिर इसने इन रुपयों को जयपुर, गोवा व अन्य स्थानों पर घूमने/खाने पीने में खर्च कर दिया।
▪️पुलिस टीम द्वारा आरोपी के कब्जा से 87 सिमकार्ड, 42 मोबाइल फोन व 01 लैपटॉप बरामद किए है।इस अभियोग में अब तक आरोपी *शुरेब अहमद निवासी ग्राम उमरी, पोस्ट झालू, जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश), आफताब खान निवासी गांव गंगोडा शेख, पोस्ट बैबलपुर, जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश), प्रदीप कुमार निवासी गांव डुईयां, जिला फतेहाबाद (हरियाणा),अरुण सिंह निवासी ताना जी नगर, जिला अजमेर (राजस्थान), जसबिंदर सिंह निवासी प्लाट नं 3, धोला भाटा, जिला अजमेर (राजस्थान), शफीकुल उर्फ सफ़ीक निवासी दीप दर्शन कॉलोनी, सोमलपुर, जिला अजमेर (राजस्थान), रेखा राम निवासी खारावाला, जिला बाड़मेर (राजस्थान) व रजत कुमार निवासी रेलवे कॉलोनी, हाशीमारा, जिला अलीपुरद्वार (पश्चिम बंगाल) सहित कुल 08 आरोपियों की गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस टीम द्वारा आरोपी रजत को 03 दिन के पुलिस हिरासत रिमांड के बाद कल दिनांक 12.02.2025 को माननीय अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। अभियोग का अनुसन्धान जारी है।

















