नई दिल्ली, 21 फरवरी 2026
दिल्ली की राजनीति से इस वक्त बड़ी खबर। भारत के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय टेक आयोजनों में से एक — इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। आज राजधानी दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
कांग्रेस मुख्यालय 24 अकबर रोड के बाहर हुए इस प्रदर्शन में दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को कुछ देर के लिए पुलिस ने हिरासत में भी लिया।
दरअसल, प्रदर्शन के दौरान वीरेंद्र सचदेवा बैरिकेडिंग पर चढ़ गए थे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए हिरासत में लिया। हालांकि थोड़ी देर बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
बीजेपी का आरोप है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि खराब करने की साजिश कांग्रेस और उसके छात्र संगठन ने की।
पूरा विवाद शुरू हुआ शुक्रवार को, जब राजधानी के भारत मंडपम में चल रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान अचानक हंगामा हो गया।
बीजेपी के मुताबिक, कांग्रेस से जुड़े छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ़ इंडिया के 15 से 20 कार्यकर्ता प्रदर्शनी हॉल नंबर–5 में घुस गए और प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाज़ी करने लगे।
कुछ प्रदर्शनकारियों ने टी-शर्ट उतारकर आपत्तिजनक संदेशों के साथ विरोध किया, जिससे आयोजन स्थल पर अफरातफरी मच गई।
उस वक्त समिट में विदेशी प्रतिनिधिमंडल, सरकारी अधिकारी और उद्योग जगत की बड़ी हस्तियां मौजूद थीं।आज इसी घटना के विरोध में बीजेपी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे।
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा— “प्रधानमंत्री का विरोध करते-करते अब ये लोग देश का विरोध करने लगे हैं। यह कोई पार्टी का कार्यक्रम नहीं था, यह राष्ट्र का कार्यक्रम था। दुनिया भर के प्रतिनिधि यहां आए थे और इस तरह का प्रदर्शन देश की साख को नुकसान पहुंचाता है।”
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा—“कांग्रेस ने देश के खिलाफ कृत्य किया है। पूरी दुनिया भारत की एआई क्षमता को देख रही थी और ऐसे वक्त में समिट को बदनाम करने की कोशिश गद्दारी है। देश की जनता इसका जवाब देगी।”
इस बीच, समिट में हुए हंगामे के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों को आज पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया।
पुलिस ने अदालत से पांच दिन की हिरासत की मांग की और कहा कि—
- इस मामले में गहरी साजिश की आशंका है,
- कुछ आरोपी अभी फरार हैं,
- और यह भी जांच की जा रही है कि प्रदर्शन के पीछे किसी तरह की फंडिंग तो नहीं थी।
वहीं बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि यह एक राजनीतिक विरोध था और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार के तहत किया गया।
कोर्ट ने फिलहाल पुलिस रिमांड और जमानत याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।
बीजेपी का कहना है कि यह पूरा मामला भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि से जुड़ा हुआ है।
पार्टी नेताओं का दावा है कि इस समिट में 80 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए और भारत की तकनीकी और नवाचार क्षमता की सराहना हुई।
बीजेपी का आरोप है कि ऐसे वैश्विक मंच पर हंगामा कराकर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस और उससे जुड़े संगठनों का कहना है कि यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है और वे अपनी बात रखने के लिए शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे।
फिलहाल इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए इस हंगामे ने दिल्ली की राजनीति को गर्मा दिया है।
एक तरफ बीजेपी इसे देश की साख पर हमला बता रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी का मामला बता रही है।
अब सबकी नजर अदालत के फैसले और आगे की जांच पर टिकी हुई है।

















