August 24, 2026 7:28 am

गुरुग्राम में 3.26 करोड़ की साइबर ठगी

गुरुग्राम में 3.26 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, बैंक खाता उपलब्ध कराने वाला आरोपी जयपुर से गिरफ्तार

गुरुग्राम में 3.26 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, बैंक खाता उपलब्ध कराने वाला आरोपी जयपुर से गिरफ्तार

ठगी की रकम में से 24 लाख रुपये आरोपी की फर्म के बैंक खाते में हुए थे ट्रांसफर, पुलिस ने एक दिन के रिमांड पर लिया

गुरुग्राम, 12 अगस्त 2026। इन्वेस्टमेंट के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के लिए अपना बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मालीराम मीणा (32 वर्ष), निवासी जिला जयपुर, राजस्थान के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे 11 अगस्त को जयपुर से गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता को व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़कर इन्वेस्टमेंट के नाम पर अधिक मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया था। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में कुल 3 करोड़ 26 लाख 40 हजार रुपये ट्रांसफर करवाकर उसके साथ साइबर ठगी की गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस थाना साइबर अपराध दक्षिण, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

बैंकिंग ट्रेल से आरोपी तक पहुंची पुलिस

सहायक पुलिस आयुक्त साइबर अपराध, गुरुग्राम के मार्गदर्शन में पुलिस थाना साइबर अपराध दक्षिण के प्रबंधक निरीक्षक दिनेश के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रेल के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान ठगी की रकम के लेन-देन का पता लगाते हुए पुलिस आरोपी मालीराम मीणा तक पहुंची।

पुलिस जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता से ठगी गई रकम में से 24 लाख रुपये Shine Enterprise नामक फर्म के Bandhan Bank खाते में ट्रांसफर हुए थे। इसके बाद इस रकम में से 6 लाख 60 हजार 2 रुपये Mukesh Chai Wala Private Limited के Axis Bank खाते में ट्रांसफर किए गए।

जांच में सामने आया कि उक्त फर्म का बैंक खाता आरोपी मालीराम मीणा के नाम पर था।

1.40 लाख रुपये में साइबर ठगों को दिया बैंक खाता

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपनी फर्म का बैंक खाता एक अन्य व्यक्ति को 1 लाख 40 हजार रुपये में उपलब्ध कराया था। पुलिस के अनुसार, इसी खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी चाय की दुकान चलाता है और उसने अपनी चाय की दुकान के नाम पर ही उक्त फर्म बनाई थी। इसके बाद उसने फर्म का बैंक खाता साइबर ठगी करने वाले लोगों को उपलब्ध करा दिया।

अन्य आरोपियों और नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस अब आरोपी से बैंक खाते के जरिए हुए तमाम वित्तीय लेन-देन, ठगी की रकम के आगे किए गए ट्रांसफर और साइबर ठगी नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है। पुलिस का प्रयास है कि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान की जा सके और ठगी की रकम की बरामदगी की जा सके।

पुलिस टीम ने आरोपी मालीराम मीणा को 12 अगस्त को अदालत में पेश किया, जहां से उसे एक दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि में पुलिस आरोपी से ठगी की रकम की बरामदगी और अन्य आरोपियों की भूमिका के संबंध में पूछताछ करेगी

Leave a Comment

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें

error: Content is protected !!