August 24, 2026 4:50 am

गुरुग्राम कोंग्रेसियो की गिरफ़्तारी पर भड़के दीपेंदर हूडा ,सरकार आती जाती रहती है देख लेंगे

गुरुग्राम में मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान काले झंडे दिखाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का मामला अब राजनीतिक रूप से तूल पकड़ता जा रहा है। हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को 24 घंटे से अधिक समय तक नहीं छोड़े जाने पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा शनिवार को गुरुग्राम पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।हुड्डा ने पुलिस और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पूरी कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना नागरिकों का अधिकार है। ऐसे में प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस का रवैया उचित नहीं कहा जा सकता।

कांग्रेस सांसद ने सरकार से मांग की कि गिरफ्तार किए गए सभी कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाए। उन्होंने प्रशासन से अपनी कार्रवाई पर सफाई देने और कथित तौर पर हुई ज्यादती के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की भी मांग रखी।दीपेंद्र हुड्डा ने आरोप लगाया कि कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को थाने में ले जाने के बाद उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। हालांकि, पुलिस की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

हुड्डा ने कहा कि गुरुग्राम में जो घटनाक्रम हुआ, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंताजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सभी कार्यकर्ताओं को रिहा नहीं किया जाता, तब तक वह गुरुग्राम में ही रहेंगे और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ खड़े रहेंगे।कांग्रेस सांसद ने पुलिस अधिकारियों को भी कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सरकार और पद स्थायी नहीं होते और अधिकारियों को अपनी कार्रवाई करते समय कानून और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का ध्यान रखना चाहिए।उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदर्शनकारियों को इतने लंबे समय तक हिरासत में रखने की आखिर क्या जरूरत थी। हुड्डा के मुताबिक, पुलिस का रवैया ऐसा था जैसे प्रदर्शनकारियों ने कोई बेहद गंभीर अपराध कर दिया हो।हुड्डा ने गुरुग्राम की खराब सड़कों, जलभराव और दूसरी स्थानीय समस्याओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम जनता की परेशानियों को सरकार और प्रशासन के सामने रखना है। यदि किसी शहर में बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए जाते हैं तो उसे अपराध की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की रिहाई और मुकदमे वापस लेने की मांग पर सरकार ने सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो पार्टी आगे आंदोलन का रास्ता अपना सकती है। कांग्रेस की ओर से डीसीपी कार्यालय के घेराव और दूसरे जिलों में भी विरोध प्रदर्शन की रणनीति पर विचार करने की बात कही गई है।हुड्डा ने यह भी संकेत दिया कि यदि सरकार ने विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश जारी रखी तो मुख्यमंत्री और मंत्रियों के आगामी दौरों के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने की रणनीति अपना सकते हैं।इस पूरे घटनाक्रम के बाद गुरुग्राम में कांग्रेस और सरकार के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने के आसार हैं।

Leave a Comment

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें

error: Content is protected !!