गुरुग्राम में GMDA की मानसून तैयारी सफल, भारी बारिश के बावजूद SPR रहा जलभराव मुक्त
– सेक्टर-1 से 80 तक संवेदनशील क्षेत्रों में तेज़ी से हुई वर्षा जल निकासी, अधिकांश स्थानों से दो घंटे में निकला पानी
गुरुग्राम, 11 जुलाई। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) की मानसून पूर्व तैयारियां इस वर्ष पहली ही भारी बारिश में प्रभावी साबित हुई हैं। प्राधिकरण का दावा है कि सदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) पर इस बार कहीं भी जलभराव की स्थिति नहीं बनी। वहीं, सेक्टर-1 से सेक्टर-80 तक चिन्हित अधिकांश संवेदनशील क्षेत्रों में भी वर्षा का पानी तेजी से निकल गया, जिससे आम नागरिकों और वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली।
जीएमडीए ने मानसून शुरू होने से पहले एसपीआर पर जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए 17 महत्वपूर्ण बिंदुओं की पहचान की थी। इन स्थानों पर रोड गली, चैंबर और अन्य जल निकासी संरचनाएं विकसित की गईं, ताकि वर्षा का पानी सीधे कॉस्ट नाले तक पहुंच सके। इसके साथ ही सरफेस ड्रेन की व्यापक सफाई कर उन्हें मास्टर ड्रेन से जोड़ा गया तथा आवश्यक स्थानों पर नए चैंबर बनाए गए। इन तैयारियों के चलते भारी बारिश के दौरान भी एसपीआर पर पानी जमा नहीं हुआ और वर्षा जल का निर्बाध निकास होता रहा।
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी.सी. मीणा ने बताया कि मानसून की पहली तेज बारिश के दौरान प्राधिकरण द्वारा किए गए बाढ़ राहत एवं जल निकासी प्रबंध पूरी तरह प्रभावी साबित हुए। उन्होंने कहा कि जलभराव संभावित सभी स्थानों की लगातार निगरानी की गई और एसपीआर पर कहीं भी पानी जमा होने की स्थिति नहीं बनी। इसके अलावा जीएमडीए के अधिकार क्षेत्र के अन्य स्थानों पर भी बारिश रुकने के लगभग दो घंटे के भीतर पानी पूरी तरह निकल गया, जिससे लोगों को काफी राहत मिली।
उन्होंने बताया कि सेक्टर-1 से सेक्टर-80 के बीच ऐसे 42 संवेदनशील स्थलों की पहले ही पहचान कर ली गई थी, जहां हर वर्ष बरसात के दौरान भारी जलभराव होता था और कई दिनों तक पानी जमा रहता था। इन सभी स्थानों पर ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने, नालों की सफाई, जल निकासी मार्गों को सुचारु बनाने तथा अन्य आवश्यक इंजीनियरिंग कार्य समय रहते पूरे कर लिए गए थे। पहली ही भारी बारिश में इन कार्यों का सकारात्मक परिणाम देखने को मिला।
इस बार जिन प्रमुख स्थानों पर प्रभावी जल निकासी देखने को मिली, उनमें एआईटी चौक, सेंट जेवियर्स स्कूल के सामने का क्षेत्र, ट्यूलिप चौक, मेदांता रोड, आर्टेमिस हॉस्पिटल रोड, रेजांगला चौक, सेक्टर-22/23 तथा सेक्टर-45/46 रोड शामिल हैं। हालांकि मेदांता रोड स्थित गुरुद्वारे वाली दिशा में एक हिस्से में कुछ समय के लिए पानी जमा हुआ, क्योंकि वहां सरफेस ड्रेन की सफाई का कार्य अभी प्रगति पर है।
इसी प्रकार हीरो होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक तक लंबे समय से मिट्टी से अटी पड़ी सरफेस ड्रेन की सफाई कर उसकी जल निकासी क्षमता बढ़ाई गई। इसका परिणाम यह रहा कि इस व्यस्त मार्ग पर भी वर्षा का पानी तेजी से निकल गया और यातायात सामान्य बना रहा।
श्री पी.सी. मीणा ने बताया कि सेक्टर-9 और सेक्टर-9ए के आसपास, जहां पिछले वर्ष गंभीर जलभराव की स्थिति बनी थी, वहां भी इस बार ड्रेनेज सुधार कार्यों का सकारात्मक असर देखने को मिला। इन क्षेत्रों में पानी नहीं ठहरा और वर्षा जल का निर्बाध निकास सुनिश्चित हुआ।
उन्होंने कहा कि पूरे मानसून सीजन के दौरान जीएमडीए की टीमें लगातार फील्ड में तैनात रहेंगी। सभी संवेदनशील स्थानों की नियमित निगरानी की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल जल निकासी एवं राहत कार्य किए जाएंगे, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जीएमडीए का मानना है कि मानसून से पहले की गई योजनाबद्ध तैयारियों, ड्रेनेज नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण, सरफेस ड्रेन की सफाई और निरंतर निगरानी के कारण इस वर्ष गुरुग्राम में जलभराव की समस्या काफी हद तक नियंत्रित रही। प्राधिकरण के अनुसार, इन प्रयासों से न केवल यातायात सुचारु रहा, बल्कि नागरिकों को भी मानसून की पहली भारी बारिश के दौरान राहत मिली।

















