- चीन के पास अब करीब 600 परमाणु हथियार हैं
- दुनिया में कुल 12,187 परमाणु हथियार मौजूद हैं।
नई दिल्ली , 8 जून।
दुनिया में बढ़ती सामरिक प्रतिस्पर्धा के बीच भारत की परमाणु ताकत और मजबूत हुई है। ताजा वैश्विक आकलन के मुताबिक भारत के परमाणु हथियारों की संख्या बढ़कर 190 हो गई है। वहीं पाकिस्तान 170 परमाणु हथियारों के साथ वहीं का वहीं बना हुआ है।
चीन परमाणु हथियारों की दौड़ में काफी आगे है।
आंकड़े बताते हैं कि भारत ने अपने परमाणु भंडार में बढ़ोतरी कर दक्षिण एशिया में अपनी रणनीतिक बढ़त को और मजबूत किया है। हालांकि तस्वीर का दूसरा पहलू भारत के लिए चिंता बढ़ाने वाला भी है। पाकिस्तान से आगे निकलने के बावजूद भारत का सबसे बड़ा रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी चीन परमाणु हथियारों की दौड़ में काफी आगे है। चीन के पास अब करीब 600 परमाणु हथियार हैं और वह दुनिया का सबसे तेजी से अपना परमाणु जखीरा बढ़ाने वाला देश माना जा रहा है।

भारत का परमाणु भंडार अब 190 तक पहुंच गया है।
90 प्रतिशत परमाणु हथियार सिर्फ इन दो देशों के पास
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत लगातार अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में जुटा है। लंबी दूरी की अग्नि मिसाइलों, परमाणु पनडुब्बियों और आधुनिक लॉन्च सिस्टम के जरिए भारत अपनी सुरक्षा रणनीति को नई मजबूती दे रहा है। यही वजह है कि भारत का परमाणु भंडार अब 190 तक पहुंच गया है।वैश्विक स्तर पर नजर डालें तो दुनिया में कुल 12,187 परमाणु हथियार मौजूद हैं। इनमें सबसे ज्यादा हथियार रूस और अमेरिका के पास हैं। रूस 5,459 परमाणु हथियारों के साथ पहले नंबर पर है, जबकि अमेरिका 5,177 हथियारों के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है।
भारत के लिए पाकिस्तान से ज्यादा बड़ी रणनीतिक चुनौती अब चीन को माना जा रहा है।
पाकिस्तान के पास 170 परमाणु हथियार
दुनिया के करीब 90 प्रतिशत परमाणु हथियार सिर्फ इन दो देशों के पास हैं।लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा चीन को लेकर हो रही है। चीन ने पिछले कुछ वर्षों में अपने परमाणु कार्यक्रम का तेजी से विस्तार किया है। नई मिसाइल प्रणालियां, भूमिगत साइलो और लंबी दूरी की परमाणु क्षमता वाले हथियार चीन की सैन्य ताकत को लगातार बढ़ा रहे हैं। यही कारण है कि भारत के लिए पाकिस्तान से ज्यादा बड़ी रणनीतिक चुनौती अब चीन को माना जा रहा है।वही अगर प्रमुख परमाणु शक्तियों की बात करें तो चीन के बाद फ्रांस के पास 290, ब्रिटेन के पास 225, भारत के पास 190 और पाकिस्तान के पास 170 परमाणु हथियार हैं। इसके अलावा इज़राइल के पास करीब 90 और उत्तर कोरिया के पास लगभग 50 परमाणु हथियार होने का अनुमान है।

भारत-चीन परमाणु संतुलन सबसे अहम मुद्दा
आंकड़े साफ बताते हैं कि भारत ने पाकिस्तान पर बढ़त बना ली है, लेकिन एशिया में शक्ति संतुलन की असली तस्वीर चीन के आंकड़ों से सामने आती है। भारत जहां 190 परमाणु हथियारों के साथ अपनी सुरक्षा क्षमता को मजबूत कर रहा है, वहीं 600 परमाणु हथियारों वाला चीन अभी भी उससे काफी आगे खड़ा है। ऐसे में आने वाले वर्षों में एशिया की सामरिक राजनीति में भारत-चीन परमाणु संतुलन सबसे अहम मुद्दा बना रह सकता है।वही दूसरी तरफ बेसक से भारत ने पाकिस्तान को पीछे छोड़ा है, लेकिन चीन अब भी भारत से तीन गुना से ज्यादा परमाणु हथियारों के साथ एशिया की सबसे बड़ी परमाणु शक्ति बना हुआ है।


















