उत्तर प्रदेश,13 मई।
उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़े एक प्रमुख परिवार से बेहद दुखद खबर सामने आई है। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव का लखनऊ में संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हो गया। वह मात्र 38 वर्ष के थे।
क्या हुआ उस सुबह?
बताया जा रहा है कि बुधवार तड़के लगभग 5 बजे के आसपास प्रतीक यादव अपने घर में अचेत अवस्था में पाए गए। परिवार के सदस्य उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, उन्हें अस्पताल लाने से पहले ही उनकी मृत्यु हो चुकी थी।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शुरुआती जांच शुरू कर दी है। जिस कमरे में वे थे, उसे सील कर दिया गया है और उनके मोबाइल फोन व लैपटॉप को जब्त कर लिया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर फॉरेंसिक जांच कराई जा सके।
मौत की वजह अब तक साफ नहीं
प्रतीक यादव की मौत किन कारणों से हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे कई अहम सवालों के जवाब मिल सकते हैं।
हालांकि कुछ शुरुआती जानकारियों में सामने आया है कि:
- वे लंबे समय से फेफड़ों और लीवर से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे थे
- हाल ही में उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था
- फेफड़ों में खून का थक्का होने की बात भी सामने आई है
फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। अगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कोई संदिग्ध बात सामने आती है, तो विस्तृत जांच की जाएगी।

परिवार और राजनीतिक जगत में शोक
प्रतीक यादव के निधन से पूरा यादव परिवार सदमे में है। उनके बड़े भाई अखिलेश यादव ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह बेहद दुखद क्षण है और परिवार जो निर्णय करेगा, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उनके निधन पर शोक जताया और परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
उनकी पत्नी अपर्णा यादव, जो उस समय दिल्ली में थीं, खबर मिलते ही लखनऊ के लिए रवाना हो गईं।
कौन थे प्रतीक यादव?
प्रतीक यादव भले ही एक बड़े राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते थे, लेकिन उन्होंने खुद को सक्रिय राजनीति से दूर रखा।
उनकी पहचान एक सफल व्यवसायी के रूप में थी:
- रियल एस्टेट सेक्टर में सक्रिय
- लखनऊ में “द फिटनेस प्लानेट” नाम से जिम का संचालन
- फिटनेस और हेल्थ के प्रति बेहद जागरूक
उन्होंने ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी और पशु कल्याण से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय रहते थे।
आगे क्या?
फिलहाल पूरे मामले की कुंजी पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
- यदि रिपोर्ट सामान्य कारणों की ओर इशारा करती है, तो मामला यहीं शांत हो सकता है
- लेकिन यदि कोई संदेहास्पद तथ्य सामने आता है, तो विस्तृत जांच और कानूनी कार्रवाई की संभावना है
प्रतीक यादव का अचानक निधन न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक दायरे के लिए एक बड़ा झटका है। उनकी मौत कई सवाल छोड़ गई है, जिनके जवाब आने वाले दिनों में जांच के बाद ही सामने आएंगे।


















