- सभी को 7 दिन में जवाब देने का निर्देश
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अंदरूनी कलह उजागर
चंडीगढ़, 20 मार्च 2026: हरियाणा में 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के भीतर क्रॉस-वोटिंग को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद सामने आया है। अब इस मामले में 5वें विधायक के रूप में जरनैल सिंह का नाम भी सामने आने की चर्चा है, जिसके बाद पार्टी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई तेज कर दी है।
🔹 क्या हुआ चुनाव में?
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हरियाणा की 2 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हुआ
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भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध जीते
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कांग्रेस के पास संख्या होने के बावजूद मुकाबला बेहद करीबी और विवादित रहा
👉 कांग्रेस उम्मीदवार बहुत कम अंतर से जीते, जिससे क्रॉस-वोटिंग की आशंका मजबूत हुई।
🔹 क्रॉस-वोटिंग का पूरा मामला
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कांग्रेस के 5 विधायकों पर पार्टी लाइन के खिलाफ वोट देने का आरोप
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इनमें से 4 नाम पहले सामने आए:
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शैल्ली चौधरी
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रेनू बाला
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मोहम्मद इलियास
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मोहम्मद इसराइल
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5वां नाम पहले गुप्त रखा गया, अब उसमें जरनैल सिंह का नाम सामने आने की चर्चा
👉 इन विधायकों पर आरोप है कि उन्होंने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार को वोट दिया।
🔹 कांग्रेस की सख्त कार्रवाई
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना है:
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4 विधायकों को पहले ही शो-कॉज नोटिस जारी
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अब 5वें विधायक को भी नोटिस
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सभी को 7 दिन में जवाब देने का निर्देश
नोटिस में कहा गया कि यह
👉 “पार्टी निर्देशों के खिलाफ जाकर वोटिंग”
👉 “पार्टी अनुशासन का गंभीर उल्लंघन” है
🔹 चुनाव में क्यों हुआ इतना विवाद?
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वोटिंग और काउंटिंग में घंटों देरी
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कुछ वोट अमान्य (invalid) घोषित
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भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप
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चुनाव आयोग को भी दखल देना पड़ा
🔹 अंदरूनी कलह उजागर
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इस घटना से कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और असंतोष खुलकर सामने आया
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रिपोर्ट्स में कई विधायकों के क्रॉस-वोटिंग की बात भी सामने आई
🔹 आगे क्या होगा?
अगर विधायकों का जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो पार्टी ले सकती है:
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निलंबन
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निष्कासन
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भविष्य में टिकट से वंचित करना
हरियाणा राज्यसभा चुनाव का यह मामला सिर्फ एक चुनावी विवाद नहीं, बल्कि कांग्रेस के भीतर अनुशासन और एकजुटता की बड़ी परीक्षा बन गया है। 5वें विधायक का नाम सामने आने से यह विवाद और गहरा गया है, और आने वाले दिनों में पार्टी की कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।
क्रॉस-वोटिंग क्या होती है?
जब कोई विधायक (MLA) अपनी पार्टी के निर्देश (व्हिप) के खिलाफ जाकर किसी दूसरी पार्टी या उम्मीदवार को वोट देता है, तो उसे क्रॉस-वोटिंग कहते हैं।
आसान उदाहरण:
मान लो
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपने MLA को कहा कि “फलां उम्मीदवार को वोट दो”
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लेकिन MLA ने जाकर किसी और को वोट दे दिया
👉 यही क्रॉस-वोटिंग है
ऐसा क्यों होता है?
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नाराजगी या गुटबाजी
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पैसे या राजनीतिक दबाव के आरोप
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व्यक्तिगत पसंद
🔹 क्या MLA पर कार्रवाई होती है?
हाँ 👍
अगर साबित हो जाए तो:
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पार्टी नोटिस देती है
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निलंबन या निष्कासन हो सकता है
लेकिन ध्यान रहे:
👉 राज्यसभा चुनाव में गुप्त नहीं बल्कि खुला वोट (open ballot) होता है
इसलिए पार्टी देख सकती है कि किसने किसे वोट दिया
🔹 अब समझो: राज्यसभा चुनाव कैसे होता है (STV सिस्टम)
राज्यसभा चुनाव सामान्य वोटिंग जैसा नहीं होता। इसमें इस्तेमाल होता है:
👉 Single Transferable Vote
🔸 STV को आसान भाषा में समझें
1. MLA सीधे एक को वोट नहीं देता
वह प्राथमिकता (preference) देता है:
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1st पसंद
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2nd पसंद
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3rd पसंद
2. जीतने के लिए जरूरी वोट (कोटा)
एक फॉर्मूला होता है:
👉 कोटा = (कुल वोट ÷ (सीट + 1)) + 1
उदाहरण:
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कुल MLA = 90
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सीट = 2
👉 कोटा = (90 ÷ 3) + 1 = 31 वोट
मतलब:
👉 जो उम्मीदवार 31 वोट ले आया = जीत गया
3. अगर ज्यादा वोट मिल जाएं
अगर किसी को जरूरत से ज्यादा वोट मिलते हैं, तो:
👉 बचे हुए वोट दूसरे उम्मीदवार को ट्रांसफर हो जाते हैं (2nd preference के आधार पर)
4. अगर कोई पीछे है
जिसे सबसे कम वोट मिले:
👉 वह बाहर हो जाता है
👉 उसके वोट अगले पसंद वाले उम्मीदवार को ट्रांसफर हो जाते हैं
🔹 यह सिस्टम क्यों है?
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ताकि वोट “बेकार” न जाए
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छोटे दलों को भी मौका मिले
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ज्यादा निष्पक्ष प्रतिनिधित्व हो
🔥 हरियाणा केस में क्या हुआ?
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कुछ MLAs ने पार्टी लाइन से हटकर वोट किया
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इससे गणित बिगड़ गया
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मुकाबला बहुत करीबी हो गया
👉 यही वजह है कि क्रॉस-वोटिंग इतना बड़ा मुद्दा बन गया

















