राजस्व विभाग के एक नायब तहसीलदार पर जांच की तलवार, तीन निलंबित
फिर भी तहसील काबू से बाहर।
गुरुग्राम 19 मार्च।
राजस्व विभाग लगातार भ्रष्टाचार के मामले में प्रदेश भर में सुर्खियों में चल रहा है जिसका कारण राजस्व विभाग के कर्मचारी और अधिकारी है जबकि कई बार राज्य के मुखिया मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा राजस्व विभाग के अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब दर्जन पर कर्मचारी अधिकारियों को निलंबित करने के आदेश भी दे चुके हैं मगर इसके बावजूद भी राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मचारी भ्रष्टाचार को बढ़ावा लगातार दे रहे हैं जिसका गुरुग्राम में जीता जागता उदाहरण देखा जा सकता है।

बादशाहपुर तहसील हरियाणा प्रदेश में बड़ी चर्चाओं में रही है
राजस्व विभाग के बादशाहपुर नायब तहसीलदार महेंद्र सिंह पर भी जांच की तलवार लटक गई है उनके खिलाफ जांच चल रही है और कभी भी बड़ी कार्यवाही हो सकती है वहीं बादशाहपुर तहसील की आरती कंप्यूटर ऑपरेटर जिसको रजिस्ट्री बाबू का जिम्मा सोप हुआ था उसको भी निलंबित होना पड़ा वैसे तो तहसीलदार नायब तहसीलदार अपने मनपसंद रजिस्ट्री बाबू लगवाते हैं और जिनके दम पर मोटे कमाते हैं लेकिन कई तहसीलों में रजिस्ट्री बाबूओं ने भ्रष्टाचार को इतना बढ़ा दिया जिसके चलते राजस्व विभाग की ओर से उन पर बड़ी कार्यवाही की गई और उन्हें निलंबित तक होना पड़ा।
बादशाहपुर तहसील हरियाणा प्रदेश में बड़ी चर्चाओं में रही है और इसी तहसील की कंप्यूटर ऑपरेटर जिनको रजिस्ट्री बाबू का काम सोपा हुआ था उन्हें भी निलंबित कर दिया गया बताया जा रहा है आरती नाम की यह कंप्यूटर ऑपरेटर रजिस्ट्री बाबू का काम करती थी और रजिस्ट्री करने में कुछ लापरवाही भारती जिसके चलते तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया यह एक तहसील नहीं है इसी के साथ वजीराबाद तहसील भी पीछे नहीं है वजीराबाद तहसील के रजिस्ट्री बाबू अमित को भी निलंबित किया गया इतना ही नहीं बादशाहपुर के नायब तहसीलदार महेंद्र सिंह पर भी जांच की तलवार लटकी हुई है विभाग की ओर से उनकी जांच की जा रही है जिसके चलते उन पर भी किसी भी समय कार्य कर सकती है।
सरकार के खजाने में भारी भरकम टैक्स जमा होता है
राजस्व विभाग में लगातार बढ़ते हुए भ्रष्टाचार को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी चिंतित बताई जा रहे हैं क्योंकि बार-बार उनके दरबार में राजस्व विभाग की शिकायत पर जा रही है और स्वयं मुख्यमंत्री नायक सिंह सैनी ने हरियाणा विधानसभा में राजस्व विभाग के कई कर्मचारियों को निलंबित करने के बारे में जानकारी दी क्योंकि गुरुग्राम देश की राजधानी दिल्ली के साथ लगता हुआ हरियाणा का बड़ा जिला है और इस जिले से हरियाणा सरकार के खजाने में भारी भरकम टैक्स जमा होता है जिससे अधिकतर जिलों में इसी जिले के टैक्स से विकास कार्य सरकार करती है लेकिन वही इस जिले में भ्रष्टाचार भी चरम सीमा पर है एंटी करप्शन ब्यूरो क्या आंकड़ों पर अगर नजर डाली जाए तो सबसे अधिक गुरुग्राम में भ्रष्टाचार के मामले सामने आए और एंटी करप्शन ब्यूरो की तरफ से भ्रष्ट कर्मचारियों अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया गया है लेकिन इसके बावजूद भी लगातार इस जिले में भ्रष्टाचार नहीं रख पा रहा है।
निलंबित होने के बाद और अच्छी पोस्ट मिल जाती है।
जिन राजस्व विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जांच होती है और जांच में कहीं ना कहीं दाग दर पे जाते हैं उन अधिकारियों को कर्मचारियों को और बड़ी पोस्ट पर बैठा दिया जाता है जिससे और अधिक लूट खसोट कर सके।
गुरुग्राम के जिला उपायुक्त अजय कुमार ने 6 महीने पहले मानेसर फरुखनगर बादशाहपुर वजीराबाद तहसील के तहसीलदारों कि रजिस्ट्री की जांच कराई थी लेकिन अभी तक उन जांचों में क्या मिला किसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई कोई जानकारी नहीं दी जा रही है जिसके चलते राजस्व विभाग के कर्मचारी और अधिकारियों में अब जिला उपायुक्त का भी खौफ नहीं रहा जिसके चलते लगातार राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है।
जिला उपायुक्त अजय कुमार ने दावा किया है कि किसी भी विभाग में भ्रष्टाचार सहन नहीं किया जाएगा और जो भ्रष्टाचार करेगा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

















