गुरुग्राम, 1 मई।
हरियाणा के गुरुग्राम स्थित जैकमपुरा सरकारी कन्या विद्यालय इन दिनों गंभीर विवादों के चलते चर्चा में है। इस विद्यालय की कई छात्राओं ने एक शिक्षक पर कक्षा के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग करने और अनुचित व्यवहार करने के आरोप लगाए हैं। इस घटना ने न केवल स्कूल प्रशासन बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छात्राओं के अनुसार, संबंधित शिक्षक का व्यवहार लंबे समय से आपत्तिजनक रहा है, लेकिन हाल के दिनों में स्थिति और गंभीर हो गई। छात्राओं का कहना है कि शिक्षक द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा से उन्हें मानसिक असहजता का सामना करना पड़ा और उनके मन में शिक्षकों के प्रति विश्वास भी कमजोर हुआ है। इस मामले के सामने आने के बाद अभिभावकों में भी चिंता का माहौल है। मामले को लेकर छात्राओं ने हरियाणा शिक्षा विभाग के स्थानीय अधिकारियों को शिकायत दी है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ छात्राओं ने लिखित रूप में भी अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं, जिनमें शिक्षक के व्यवहार को लेकर स्पष्ट शिकायत की गई है। इन शिकायतों की प्रतियां भी सामने आने का दावा किया जा रहा है।
हालांकि, आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि स्कूल प्रशासन ने इस मामले को दबाने की कोशिश की। कुछ छात्राओं का कहना है कि उन्हें स्कूल की छवि खराब होने का हवाला देकर चुप रहने के लिए कहा गया। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में छात्रों पर दबाव डालकर उनसे स्कूल प्रबंधन के पक्ष में बयान लिखवाने की भी बात सामने आई है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर कन्या विद्यालयों में पुरुष शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर बहस को हवा दे दी है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि मुद्दा शिक्षक की पहचान नहीं, बल्कि उसका आचरण और पेशेवर नैतिकता है। यदि शिक्षक अपने दायित्वों का सही तरीके से पालन करें, तो इस तरह के विवादों से बचा जा सकता है।
फिलहाल, इस मामले में स्कूल प्रशासन या संबंधित शिक्षक की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, हरियाणा शिक्षा विभाग की ओर से मामले की जांच की संभावना जताई जा रही है। अगर जांच होती है, तो यह स्पष्ट हो पाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या कार्रवाई की जानी चाहिए।
जब इस मामले में स्कूल के प्रिंसिपल से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बात करने से मना कर दिया, जिसके चलते उनका पक्ष सामने नहीं आ सका।

















