गुरुग्राम, 28 फरवरी 2026
14 मार्च को गुरुग्राम जिला न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आमजन को आपसी सहमति से अपने लंबित मामलों का त्वरित एवं स्थायी समाधान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की चेयरमैन सुश्री वाणी गोपाल शर्मा के मार्गदर्शन में तथा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राकेश कादियान के नेतृत्व में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 14 मार्च को किया जाएगा। यह लोक अदालत गुरुग्राम जिला न्यायालय परिसर में आयोजित होगी।
लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लंबित मामलों का आपसी सहमति से त्वरित, सरल और स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है। इस विशेष आयोजन के माध्यम से नागरिकों को बिना लंबी न्यायिक प्रक्रिया के अपने विवादों का समाधान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों का निपटारा किया जाएगा, जिनमें प्रमुख रूप से ट्रैफिक चालान, बैंक रिकवरी से जुड़े विवाद, मोटर वाहन दुर्घटना दावा प्रकरण, पारिवारिक विवाद, दीवानी मामले, जमानती फौजदारी प्रकरण, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामले, बिजली एवं पानी के बिल से जुड़े विवाद, राजस्व प्रकरण तथा अन्य छोटे-मोटे वाद शामिल हैं।
यह लोक अदालत नागरिकों के लिए न्याय पाने का एक सुलभ, त्वरित और कम खर्चीला माध्यम सिद्ध होगी। इसमें दोनों पक्षों की सहमति से मामलों का समाधान किया जाता है, जिससे समय, धन और मानसिक तनाव की बचत होती है।
सीजेएम राकेश कादियान ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि जिन नागरिकों के मामले न्यायालयों में लंबित हैं, वे अधिक से अधिक संख्या में राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाएं और अपने विवादों का समाधान सौहार्दपूर्ण तरीके से कराएं। उन्होंने यह भी बताया कि लोक अदालत में किए गए समझौते को अंतिम माना जाता है और उस पर किसी प्रकार की अपील नहीं होती।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम के तत्वावधान में आयोजित यह राष्ट्रीय लोक अदालत जिले के नागरिकों को न्यायिक प्रक्रिया से जोड़ने और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
सभी संबंधित पक्षों से अनुरोध है कि वे 14 मार्च को निर्धारित समय पर न्यायालय परिसर में पहुंचकर अपने मामलों के निपटारे की प्रक्रिया में भाग लें और इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं।
















