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March 1, 2026 6:01 pm

न्यायालय ने नाबालिक बच्चे को न्याय दिलाया, स्कूल से SLC जारी करवाने में मिली सफलता !

रेवाड़ी, 23 फरवरी 2026।

  • न्यायालय रेवाड़ी से मिला नाबालिक बच्चे को न्याय* , कैलाश चंद एड्वोकेट ने केस में की निशुल्क पैरवी,
  • मामला जिला रेवाड़ी के निजी स्कूल बाल विकास विद्यालय , जिला रेवाड़ी से सम्बंधित है,

गांव संगवाडी जिला रेवाड़ी निवासी राजेश कुमार का नाबालिक बच्चा कपिश जो कि पहली ओर दूसरी कक्षा बाल विकास विद्यालय जिला रेवाड़ी में शिक्षा ग्रहण करता आ रहा था उसी समय बच्चे के पिता ने स्कूल को बता दिया था कि अगले सेशन से वह अपने पुत्र को किसी अन्य स्कूल में शिक्षा दिलवाएगा ओर स्कूल द्वारा मांगी जा रही मान्य ओर अमान्य सभी देय फीस का भुगतान भी कर दिया बच्चे के द्वारा दूसरी कक्षा पास करने के बाद, बच्चे के पिता ने स्कूल से बच्चे की SLC जारी करने की बात की तो स्कूल ने कुछ दिन इंतजार करने बात कही जिसके बाद वर्ष 2024 में सांगवाडी के राजकीय स्कूल में अस्थाई दाखिला दिलवाकर शिक्षा शुरू कर दिया,
जिसके बाद राजकीय स्कूल सांगवाडी ने बच्चे को शिक्षा देना तो शुरू कर दिया परंतु बच्चे को अन्य सुविधाएं देना प्रारंभ नहीं किया जैसे मिड डे मिल, बच्चों को कॉपी किताबों के लिय मिलने वाली आर्थिक सहायता भी नहीं दी, और बार बार बच्चे के अभिभावक से SLC जमा करवाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया, जिसके बाद बच्चे के अभिभावक ने बच्चे की SLC जारी करवाने ओर स्कूल के पोर्टल से बच्चे का नाम हटवाने के लिय बाल विकास विद्यालय प्रिंसिपल के कार्यालय के चक्कर लगाए परंतु स्कूल ने बच्चे का नाम अपने स्कूल के पोर्टल पर जोड़ रखा था जो कि वह जब तक अपने पोर्टल से बच्चे का नाम नहीं हटाएगा तब तक राजकीय स्कूल सांगवाडी के पोर्टल पर नहीं चढ़ सकता ओर बच्चे को मिलने वाली सुविधाएं नहीं मिलेगी, बाल विकास विद्यालय द्वारा बच्चे का नाम पोर्टल से हटवाने के लिय वह कई बार जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय भी गया परंतु अधिकारियों ने बच्चे की समस्या पर ध्यान नहीं दिया ना ही स्कूल के खिलाफ कोई कानूनी कार्यवाही की आखिर बच्चों के अभिभावक ने सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश चंद एडवोकेट से संपर्क किया जिसके बाद अधिवक्ता ने बच्चों की समस्या से संबंधित मामले को लेकर दिनांक 21-07-2025 को जिला रेवाड़ी के न्यायालय में बाल विकास विद्यालय और राजकीय स्कूल संगवाडी के खिलाफ वाद दायर कर दिया, न्यायालय ने दोनों पक्षों की बात को सुना जिस पर स्कूल ने कहा कि बच्चे की फीस के 340274/- रूपये बकाया है, जिस पर कैलाश चंद अधिवक्ता ने भी बच्चों की ओर से बात को रखा ओर न्यायालय को बताया अगर स्कूल बच्चे का नाम अपने पोर्टल से नहीं हटाएगा तो राजकीय स्कूल संगवाडी बच्चे का एग्जाम लेने को मना कर रहा जिससे बच्चे का भविष्य ही खराब हो जाएगा, ओर बताया कि कानून में कही भी ऐसा प्रावधान नहीं है कि कोई स्कूल किसी बच्चे को जबरन अपने स्कूल में रोक सकता हो, बच्चे का नाम स्कूल ने जबरन अपने पोर्टल पर चढ़ा कर बंधक बनाया हुआ है, जिसके बाद न्यायधीश ने स्कूल को कहा कि आप बच्चे का नाम अपने पोर्टल से हटाए, जिसके बाद दिनांक 15 -02-2026 को स्कूल ने नाबालिक बच्चे का नाम अपने पोर्टल से हटाया जिसके बाद बच्चे के अभिभावक ने राजकीय स्कूल संगवाडी को सूचित किया तो राजकीय स्कूल ने बच्चे का नाम अपने स्कूल के पोर्टल पर दर्ज किया जिसके बाद बच्चे के अभिभावक ने न्यायालय रेवाड़ी ओर अपने अधिवक्ता कैलाश चंद का धन्यवाद प्रकट किया

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