नेपाल में प्रदर्शनकारियो ने हथियार छोड़कर उठाया झाड़ू।

काठमांडू 11 सितंबर /नेपाल बीते कई दिनों से उथल-पुथल का गवाह रहा है सड़कों पर आगजनी पत्थरबाजी और राजनीतिक हलचल के बीच हर तरफ अराजकता की तस्वीरें थीं लेकिन अब इन्हीं सड़कों पर एक नई तस्वीर सामने आई है जहाँ कभी नारेबाजी और हिंसा की गूँज सुनाई देती थी वहीं अब झाड़ू चलाने की आवाज सुनाई दे रही है नेपाल की युवा पीढ़ी यानी जेन जेड जिसने सत्ता के खिलाफ सबसे पहले आवाज उठाई अब वही अपने हाथों में झाड़ू दस्ताने और कचरे के बैग लेकर निकली है यह आंदोलन अब सिर्फ विरोध तक सीमित नहीं रहा बल्कि जिम्मेदारी निभाने का एक नया रूप बन चुका है काठमांडू पोखरा ललितपुर विराटनगर जैसे शहरों में हजारों युवा मिलकर सफाई कर रहे हैं टूटे हुए बैरिकेड जल चुके टायर और फैला हुआ मलबा युवाओं ने मिलकर साफ किया सोशल मीडिया पर क्लीन नेपाल और यूथ फॉर चेंज जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं और इन तस्वीरों ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है

सोचिए वही हाथ जो कल तक गुस्से में पत्थर उठा रहे थे आज वही हाथ झाड़ू और कचरे की बोरी थामे हुए हैं यही है असली बदलाव की शुरुआत काठमांडू विश्वविद्यालय त्रिभुवन विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों के छात्रों ने एक साथ श्रमदान किया दरबार मार्ग बस स्टैंड और सरकारी दफ्तरों के बाहर युवाओं ने सफाई अभियान चलाया स्थानीय दुकानदारों ने इनका हौसला बढ़ाते हुए पानी और खाना मुहैया कराया कई इलाकों में महिलाएँ और बच्चे भी इस मुहिम से जुड़ गए उनका कहना है कि अगर देश को बदलना है तो शुरुआत घर गली और मोहल्ले से करनी होगी अब सवाल यह उठता है कि क्या यह सफाई सिर्फ सड़कों की होगी या फिर राजनीति की भी युवाओं का कहना है कि हमारा उद्देश्य सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि सिस्टम को पारदर्शी और जिम्मेदार बनाना है यही वजह है कि इस आंदोलन को अब क्लीन मूवमेंट कहा जाने लगा है नेपाल सरकार ने भी युवाओं की इस पहल को सराहते हुए स्थानीय निकायों को पूरी मदद देने के आदेश दिए हैं
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह पहल नेपाल के लिए एक सामाजिक क्रांति का रूप ले सकती है क्योंकि इतिहास गवाह है जब युवा वर्ग जिम्मेदारी उठाता है तब समाज की दिशा बदल जाती है कल्पना कीजिए कल तक जलती हुई सड़कों से डर कर लोग अपने घरों में कैद थे लेकिन आज वही लोग अपने बच्चों के साथ सड़कों पर निकलकर सफाई अभियान में हिस्सा ले रहे हैं यह सिर्फ सफाई नहीं बल्कि भरोसे की वापसी है यह सिर्फ झाड़ू नहीं बल्कि उम्मीद की किरण है और यही कारण है कि नेपाल का भविष्य अब इन झाड़ू थामे युवाओं के हाथों में लिखा जा रहा है दुनिया देख रही है कि नेपाल का जेन जेड केवल विरोध करना नहीं जानता बल्कि देश को सँवारना भी जानता है सवाल यह है कि क्या यह सफाई अभियान आने वाले कल में नेपाल की राजनीति समाज और तंत्र को भी साफ कर पाएगा क्या यह आंदोलन केवल एक ट्रेंड बनकर रह जाएगा या फिर नेपाल की नई पहचान की बुनियाद रखेगा

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