SV&ACB फरीदाबाद ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अदालत में दाखिल किया चालान, पटवारी पर ₹30 हजार रिश्वत लेने का आरोप
फरीदाबाद, 12 अगस्त 2026। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB), फरीदाबाद ने म्यूटेशन दर्ज करने के नाम पर रिश्वत मांगने के मामले में पटवारी नवीन और निजी कंप्यूटर ऑपरेटर रूपेश के खिलाफ माननीय न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 7A, 13(1)(B) सहपठित 13(2) तथा धारा 238 बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।
म्यूटेशन के लिए मांगी थी ₹40 हजार रिश्वत
मामला एक प्लॉट की म्यूटेशन दर्ज करने के एवज में रिश्वत मांगने से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने ब्यूरो को दी शिकायत में बताया था कि उसकी माता श्रीमती भगवती ने वर्ष 2006 में नई बस्ती, सल्लागढ़ में 100 गज का प्लॉट खरीदा था। उसी वर्ष प्लॉट की रजिस्ट्री भी करवा ली गई थी, लेकिन उस समय म्यूटेशन दर्ज नहीं कराई गई थी।
म्यूटेशन दर्ज करवाने के लिए शिकायतकर्ता जब पटवार घर, पलवल पहुंचा तो उसने संबंधित पटवारी नवीन को प्लॉट की रजिस्ट्री की प्रति दी। पटवारी ने दस्तावेजों की जांच के लिए अपने कार्यालय में कार्यरत निजी कंप्यूटर ऑपरेटर रूपेश को दे दिए।
शिकायत के अनुसार, इसके बाद दोनों आरोपियों ने आपस में बातचीत कर म्यूटेशन दर्ज करने के नाम पर ₹1 लाख रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता के बार-बार अनुरोध करने पर रकम घटाकर ₹50 हजार कर दी गई। इसके बाद शिकायतकर्ता द्वारा असमर्थता जताने पर पटवारी नवीन ने कथित तौर पर ₹45 हजार देने की बात कही।
बाद में बातचीत के बाद ₹40 हजार में सौदा तय हुआ, जिसमें ₹30 हजार अग्रिम और शेष ₹10 हजार म्यूटेशन दर्ज होने के बाद देने की बात तय हुई।
पटवारी को कार्यालय से किया गया था गिरफ्तार
शिकायत के आधार पर 7 नवंबर 2025 को SV&ACB फरीदाबाद की टीम ने कार्रवाई की। ब्यूरो की टीम ने पटवारी नवीन को उसके कार्यालय, पटवार घर पलवल से रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में गिरफ्तार किया।
मामले में नामजद दूसरा आरोपी निजी कंप्यूटर ऑपरेटर रूपेश कार्रवाई के समय मौके पर मौजूद नहीं था। उसे बाद में जांच के दौरान नियमानुसार गिरफ्तार किया गया।
इस संबंध में अभियोग संख्या 27 दिनांक 07.11.2025 दर्ज किया गया था। शुरुआत में मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, फरीदाबाद में दर्ज किया गया था।
जांच पूरी होने के बाद दाखिल की चार्जशीट
SV&ACB की जांच में दोनों आरोपियों की भूमिका सामने आने के बाद मामले की जांच पूरी की गई। जांच पूरी होने के पश्चात ब्यूरो ने अब दोनों आरोपियों के खिलाफ माननीय न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के साथ बीएनएस की संबंधित धारा के तहत भी कार्रवाई की गई है। अब मामले की आगामी सुनवाई न्यायालय में होगी।


















