दिल्ली 5 अगस्त: संसद का मॉनसून सत्र अब अपने अंतिम चरण में है। विपक्ष पूरे सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी को लेकर सरकार पर हमलावर रहा। अब सत्र के गिनती के कुछ ही दिन बचे हैं। इसी बीच खबर सामने आई है कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच लंबी बातचीत हुई है।
बताया जा रहा है कि संसद में जारी गतिरोध को कम करने के उद्देश्य से किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच मुख्य रूप से परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे पर चर्चा हुई।
सरकार इस समय परिसीमन विधेयक पर विपक्ष को साथ लाने की कोशिश में जुटी हुई है। माना जा रहा है कि इस विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार को संसद में आवश्यक बहुमत के साथ-साथ विपक्ष के सहयोग की भी जरूरत होगी। इसी रणनीति के तहत सरकार ने अर्जुन राम मेघवाल, पीयूष गोयल, एस. मुरुगन और प्रह्लाद जोशी जैसे वरिष्ठ मंत्रियों को विपक्षी दलों से बातचीत की जिम्मेदारी सौंपी है।
प्रस्तावित परिसीमन के बाद लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 किए जाने का प्रस्ताव है। इनमें 815 सीटें राज्यों के लिए और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए होंगी। इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 81 में संशोधन करना होगा।
सरकार का कहना है कि महिला आरक्षण कानून का क्रियान्वयन परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किया जाएगा। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है।
हालांकि, विपक्ष इस तर्क से सहमत नहीं है। कई विपक्षी नेताओं का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में महिला आरक्षण लागू करना चाहती है, तो वह मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर भी इसे लागू कर सकती है। कांग्रेस पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि वह परिसीमन विधेयक पर सरकार के साथ नहीं है। इसके अलावा विपक्ष के कई अन्य दल भी इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं।
















