रेवाड़ी/गुरुग्राम 5 अगस्त
दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिलासपुर, कापड़ीवास और मानेसर के बीच चल रहे निर्माण कार्यों के कारण ट्रैफिक जाम और सड़क सुरक्षा को लेकर उठाई गई शिकायत पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने जवाब दिया है। रेवाड़ी जिले के खरखड़ा गांव निवासी सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश यादव की शिकायत पर एनएचएआई ने अपने जवाब में कहा है कि निर्माण स्थलों पर यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।

एनएचएआई के अनुसार, निर्माण क्षेत्रों में जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय बनाकर यातायात व्यवस्था संचालित की जा रही है। वहीं, एनएचएआई के जवाब के बाद प्रकाश यादव ने दोबारा पत्र लिखकर जमीनी स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
बिलासपुर में 4 और मानेसर में 3 लेन का डायवर्जन
एनएचएआई ने प्रकाश यादव को भेजे जवाब में बताया कि बिलासपुर में चार लेन का डायवर्जन तैयार किया गया है, जबकि मानेसर में तीन लेन की सीसी डायवर्जन रोड के जरिए वाहनों को निकाला जा रहा है।
प्राधिकरण ने कहा कि निर्माण क्षेत्र में वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए संकेतक बोर्ड, बैरिकेड, रिफ्लेक्टर, ब्लिंकर और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं। इसके अलावा बिलासपुर और मानेसर में ट्रैफिक मार्शल भी तैनात किए गए हैं।
एनएचएआई ने यह भी बताया कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित ठेकेदार को निर्माण स्थल का दोबारा निरीक्षण करने और जहां भी आवश्यकता हो, वहां मरम्मत एवं सुधार कार्य प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए गए हैं।
एनएचएआई के जवाब के बाद प्रकाश यादव ने फिर लिखा पत्र
एनएचएआई के जवाब के बाद प्रकाश यादव ने बुधवार को एनएचएआई चेयरमैन, हरियाणा के मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक और गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर को दोबारा पत्र भेजा है।
अपने पत्र में उन्होंने सवाल उठाया कि अगर निर्माण क्षेत्रों में ट्रैफिक प्रबंधन के लिए सभी जरूरी इंतजाम प्रभावी रूप से किए गए हैं, तो दिल्ली-जयपुर हाईवे पर रोजाना कई किलोमीटर लंबे जाम की स्थिति क्यों बन रही है।
उन्होंने लेन अनुशासन की अनदेखी और गलत दिशा में वाहनों के चलने की घटनाओं का भी मुद्दा उठाया। प्रकाश यादव का कहना है कि कागजों में किए गए इंतजाम और मौके पर दिखाई देने वाली स्थिति में अंतर नजर आता है।
ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल
प्रकाश यादव ने अपने पत्र में गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि निर्माण क्षेत्रों में ट्रैफिक को सुचारु बनाने और जाम नियंत्रित करने के बजाय कई बार जाम के बीच चालान काटने की कार्रवाई ज्यादा दिखाई देती है।
उन्होंने गलत दिशा में वाहन चलाने वालों, भारी वाहनों की लेन व्यवस्था और पीक आवर्स में ट्रैफिक नियंत्रण को लेकर भी प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
प्रकाश यादव ने मांग की है कि निर्माण कार्य पूरा होने तक निर्माण प्रभावित क्षेत्रों में ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की जाए और पीक आवर्स के दौरान विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए।
स्वतंत्र रोड सेफ्टी ऑडिट की मांग
प्रकाश यादव ने एनएचएआई मुख्यालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और हरियाणा सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से निर्माण क्षेत्रों का संयुक्त निरीक्षण कराने की मांग की है।
उन्होंने स्वतंत्र रोड सेफ्टी ऑडिट, ड्रोन और सीसीटीवी के माध्यम से ट्रैफिक व्यवस्था की निगरानी तथा निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी उठाई है।
उनका कहना है कि यदि निर्माण अवधि के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित एजेंसी और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
‘विकास जरूरी, लेकिन लोगों की सुरक्षा से समझौता नहीं’
प्रकाश यादव ने कहा कि दिल्ली-जयपुर हाईवे पर चल रहे विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान लाखों वाहन चालकों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि निर्माण अवधि में सुरक्षित और सुचारु यातायात सुनिश्चित करना एनएचएआई, निर्माण एजेंसी, जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस की साझा जिम्मेदारी है।
बॉक्स: एनएचएआई ने जवाब में क्या कहा?
निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है।
जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय बनाकर ट्रैफिक संचालित किया जा रहा है।
बिलासपुर में 4 लेन का डायवर्जन बनाया गया है।
मानेसर में 3 लेन की सीसी डायवर्जन रोड से यातायात संचालित किया जा रहा है।
संकेतक बोर्ड, बैरिकेड, रिफ्लेक्टर और ब्लिंकर लगाए गए हैं।
बिलासपुर और मानेसर में ट्रैफिक मार्शल तैनात किए गए हैं।
शिकायत के बाद ठेकेदार को दोबारा निरीक्षण और आवश्यक मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं।
बॉक्स: निर्माण कार्य कब होंगे पूरे?
बिलासपुर फ्लाईओवर: अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की संभावना।
मानेसर एलिवेटेड कॉरिडोर: 31 मई 2027 तक पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, अनुबंध के अनुसार इसकी पूर्णता तिथि 21 सितंबर 2027 निर्धारित है।
अब निगाहें कार्रवाई पर
एनएचएआई के जवाब और प्रकाश यादव की ओर से दोबारा भेजे गए पत्र के बाद अब देखना होगा कि संबंधित विभाग जमीनी स्तर पर ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए क्या कदम उठाते हैं।
दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माण कार्य पूरा होने तक यातायात का दबाव बना रहना तय है। ऐसे में पीक आवर्स में ट्रैफिक प्रबंधन, लेन अनुशासन, गलत दिशा में वाहन चलाने पर रोक और सड़क सुरक्षा इंतजामों की प्रभावी निगरानी आने वाले समय में अहम रहने वाली है।
















