गुरुग्राम, 18 जून।
विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत पटौदी विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी एवं एसडीएम पटौदी दिनेश लुहाच ने वीरवार को विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों और बूथों का दौरा कर पुनरीक्षण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की तथा निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चल रही गतिविधियों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने बीएलओ से घर-घर सत्यापन अभियान की प्रगति की जानकारी प्राप्त की और मतदाताओं से सीधे संवाद कर उनके अनुभव एवं सुझाव भी लिए। उन्होंने नागरिकों को मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया की जानकारी देते हुए आवश्यक दस्तावेजों और निर्धारित समय-सीमा के बारे में अवगत कराया। साथ ही बीएलओ को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र मतदाता तक पहुंच सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से छूटने न पाए। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, जिसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों और नागरिकों का सहयोग आवश्यक है।
एसडीएम दिनेश लुहाच ने बताया कि 21 जुलाई 2026 को प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 21 जुलाई से 18 सितंबर 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। जिन मतदाताओं का नाम सूची में शामिल नहीं होगा, उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे तथा निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर उनके दावों का निपटारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 1987 से पूर्व जन्मे नागरिकों को स्वयं का एक मान्य दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। वहीं 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे व्यक्तियों को अपना एक दस्तावेज तथा माता या पिता में से किसी एक का दस्तावेज देना होगा। इसी प्रकार 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे आवेदकों को अपना एक दस्तावेज तथा माता-पिता दोनों के एक-एक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
उन्होंने बताया कि बीएलओ प्रत्येक मतदाता तक पहुंचने के लिए कम से कम तीन बार घर-घर संपर्क करेंगे। साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों के बीएलए भी मतदाताओं को फॉर्म भरने, दस्तावेज जमा कराने और अन्य प्रक्रियाओं में सहयोग करेंगे। वर्तमान में पटौदी विधानसभा क्षेत्र में कुल 2 लाख 59 हजार 696 पंजीकृत मतदाता हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जब बीएलओ घर-घर सर्वेक्षण के लिए आएं तो उन्हें पूरा सहयोग दें तथा प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अपने नाम, पता, जन्मतिथि और अन्य विवरणों का अवश्य सत्यापन करें। किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर निर्धारित अवधि के भीतर दावा या आपत्ति दर्ज कराएं, ताकि मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और त्रुटिरहित बनाया जा सके।


















