देश की राजनीति में एक बार फिर युवाओं, नौकरियों और पेपर लीक का मुद्दा चर्चा के केंद्र में आ गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा से एक बड़े अभियान की शुरुआत की है। राहुल गांधी का कहना है कि देश का युवा आज अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। लाखों छात्र और नौकरी अभ्यर्थी वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन कई बार पेपर लीक, भर्ती में देरी और परीक्षा रद्द होने जैसी घटनाएं उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका देती हैं।दरअसल, राहुल गांधी ने अपने इस अभियान की शुरुआत कोटा से की है। कोटा सिर्फ एक शहर नहीं बल्कि देश की सबसे बड़ी कोचिंग नगरी माना जाता है। हर साल लाखों छात्र डॉक्टर, इंजीनियर और सरकारी अधिकारी बनने का सपना लेकर यहां पहुंचते हैं। ऐसे में कांग्रेस का मानना है कि अगर युवाओं की आवाज उठानी है तो उसकी शुरुआत कोटा से ही होनी चाहिए।

राहुल गांधी का आरोप है कि आज देश का युवा दोहरी चुनौती का सामना कर रहा है। एक तरफ रोजगार के अवसरों को लेकर चिंता है, दूसरी तरफ भर्ती परीक्षाओं और प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका कहना है कि जब कोई छात्र सालों तक मेहनत करता है और फिर किसी विवाद या गड़बड़ी की वजह से परीक्षा प्रभावित हो जाती है, तो उसका नुकसान सिर्फ एक छात्र का नहीं बल्कि पूरे परिवार का होता है।कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर लगातार सरकार पर हमला बोल रही है। पार्टी का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दे करोड़ों परिवारों से जुड़े हुए हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
वहीं दूसरी तरफ बीजेपी इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करती है। बीजेपी का कहना है कि विपक्ष युवाओं के मुद्दों पर राजनीति कर रहा है। सरकार का दावा है कि भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जा रहा।लेकिन राजनीति से अलग अगर आम युवाओं की बात करें तो आज भी लाखों छात्र नौकरी और भर्ती से जुड़े मुद्दों पर सवाल पूछ रहे हैं। सोशल मीडिया पर अक्सर परीक्षा, भर्ती और रोजगार से जुड़े मुद्दे ट्रेंड करते दिखाई देते हैं। कई छात्र संगठन भी समय-समय पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राहुल गांधी का यह अभियान सिर्फ एक रैली या कार्यक्रम नहीं है। इसके पीछे एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी छिपा हुआ है। कांग्रेस आने वाले समय में युवाओं, छात्रों और नौकरी अभ्यर्थियों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है। क्योंकि देश में युवाओं की आबादी बहुत बड़ी है और किसी भी चुनाव में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।यही वजह है कि राहुल गांधी ने कोटा से शुरुआत करके सीधे उस वर्ग को संबोधित करने की कोशिश की है जो आने वाले वर्षों में राजनीति और चुनाव दोनों को प्रभावित कर सकता है। अब देखना होगा कि राहुल गांधी का यह अभियान युवाओं के बीच कितनी पकड़ बना पाता है और क्या यह मुद्दा आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरता है।
फिलहाल इतना तय है कि रोजगार, भर्ती और पेपर लीक जैसे मुद्दे अब सिर्फ छात्रों की समस्या नहीं रह गए हैं। ये मुद्दे देश की राजनीति के केंद्र में पहुंच चुके हैं और आने वाले दिनों में इन पर सियासत और तेज होने वाली है।


















