- अमेरिका में ‘We Support Peace’ अभियान को मिला व्यापक जनसमर्थन, प्रशासन भी हुआ प्रभावित
- ‘We Support Peace’ अभियान के प्रवर्तक जैन आचार्य लोकेशजी का अमेरिका पहुंचने पर भव्य एवं भावपूर्ण स्वागत हुआ
- बौद्ध, हिंदू और जैन समुदायों ने एक स्वर में किया ‘War Free World’ का समर्थन
अमेरिका/ नई दिल्ली, 11 जून।
विश्व शांति दूत आचार्य लोकेशजी के अमेरिका पहुंचने पर न्यूयॉर्क में सामाजिक कार्यकर्ताओं, विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों तथा श्रद्धालुओं ने उनका गर्मजोशी और भावपूर्ण स्वागत किया। स्वागत समारोह में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के नागरिकों के साथ-साथ अमेरिकी समाज के विभिन्न वर्गों के लोग भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने शांति, अहिंसा और मानवता के मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
अहिंसा विश्व भारती एवं विश्व शांति केंद्र के संस्थापक आचार्य लोकेश जी ने इस अवसर पर ‘We Support Peace’ अभियान को अमेरिका में लॉन्च किया। आचार्य लोकेश जी ने कहा कि उस समय दुनिया के अनेक हिस्से युद्ध, आतंकवाद, हिंसा और असहिष्णुता की चुनौतियों का सामना कर रहे थे। ऐसी स्थिति में शांति केवल एक आदर्श नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व की आवश्यकता बन गई थी।
आचार्य लोकेशजी ने कहा कि ‘We Support Peace’ केवल एक अभियान नहीं था, बल्कि मानवता को जोड़ने वाला वैश्विक आंदोलन था, जिसका उद्देश्य जाति, धर्म, भाषा और राष्ट्रीय सीमाओं से ऊपर उठकर लोगों को शांति के साझा उद्देश्य से जोड़ना था। उन्होंने सभी समुदायों, धार्मिक नेताओं, नीति-निर्माताओं और युवाओं से आह्वान किया कि वे एक ऐसे विश्व के निर्माण में योगदान दें जहाँ युद्ध के स्थान पर संवाद, घृणा के स्थान पर प्रेम और संघर्ष के स्थान पर सहयोग को महत्व मिले।
कार्यक्रम में बौद्ध, हिंदू और जैन समुदायों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि उस समय की वैश्विक परिस्थितियों में युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं था। विश्व को संघर्ष, हिंसा और वैमनस्य के स्थान पर संवाद, करुणा, सह-अस्तित्व और पारस्परिक सम्मान की आवश्यकता थी। सभी वक्ताओं ने ‘War Free World’ की अवधारणा का समर्थन करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और मानवीय वातावरण प्रदान करना पूरी मानवता की साझा जिम्मेदारी थी।
विश्व शांति, अहिंसा और मानवीय एकता के लिए समर्पित अंतरराष्ट्रीय अभियान ‘We Support Peace’ को अमेरिका में अभूतपूर्व जनसमर्थन प्राप्त हुआ। विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के साथ-साथ आम नागरिक भी इस अभियान से बड़ी संख्या में जुड़े। अभियान को मिल रहे व्यापक समर्थन और जनभागीदारी ने स्थानीय प्रशासन तथा सामाजिक नेतृत्व का भी ध्यान आकर्षित किया। शांति, सद्भावना और वैश्विक भाईचारे के संदेश को लेकर चलाया गया यह अभियान एक जन-आंदोलन का रूप लेता दिखाई दिया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने शांति एवं अहिंसा के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने तथा ‘War Free World’ के वैश्विक संकल्प को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। प्रतिभागियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि विश्व समुदाय एकजुट होकर शांति के पक्ष में खड़ा हुआ, तो हिंसा और युद्ध-मुक्त विश्व का सपना अवश्य साकार हो सकता था। शांति ही मानवता का भविष्य है और अहिंसा ही विश्व कल्याण का मार्ग। इसी संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

















