मुंबई,30 मई।
एक बार फिर आम लोगों की जेब पर महंगाई का सीधा असर पड़ा है, और इस बार निशाने पर है सीएनजी । मुंबई में सीएनजी के दाम एक बार फिर बढ़ा दिए गए हैं। यह बढ़ोतरी लगातार बढ़ रही महंगाई की एक और कड़ी मानी जा रही है।
नई दरों के मुताबिक, जो सीएनजी पहले 84 रुपये प्रति किलोग्राम में मिलती थी, वह अब बढ़कर 86 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। यानी इसमें 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी का सीधा प्रभाव टैक्सी, निजी वाहन चालकों, ऑटो रिक्शा और व्यावसायिक वाहनों पर पड़ेगा। कंपनी की ओर से जारी सूचना के अनुसार, सभी डीलरों को संशोधित दरें लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। महानगर गैस लिमिटेड के अधिकारियों के मुताबिक, इनपुट लागत में बढ़ोतरी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते वैश्विक गैस बाजार में आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसी वजह से आयात लागत बढ़ी है, जिसे संतुलित करने के लिए कीमतों में इजाफा किया गया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस बढ़ोतरी के बाद मुंबई रिक्शा मैन्स यूनियन ने ऑटो और टैक्सी के बेस फेयर या न्यूनतम किराए में 1 रुपये तक की बढ़ोतरी की मांग की है।मई महीने में मुंबई सहित देश के कई हिस्सों में सीएनजी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। इससे पहले 14 मई को भी 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद कीमतें 82 से बढ़कर 84 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई थीं।
वहीं, दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी सीएनजी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। बीते 11 दिनों में कीमतें 77.09 रुपये से बढ़कर 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई हैं। नोएडा और गाजियाबाद में भी सीएनजी के दाम बढ़कर 91.70 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं।इसके अलावा, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सोमवार को पेट्रोल 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ। मुंबई में फिलहाल पेट्रोल 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
ईंधन कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली तेल और LNG आपूर्ति प्रभावित हुई है, जो वैश्विक सप्लाई का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा संभालता है।ऐसे में एक तरफ अंतरराष्ट्रीय तनाव और दूसरी तरफ घरेलू बाजार की महंगाई के बीच आम उपभोक्ता पर दोहरा दबाव बनता नजर आ रहा है।
















