चंडीगढ़/ हरियाणा,27 मई।
हरियाणा देश का प्रथम ऐसा राज्य बन गया है जिसने आरटीआई के डिफॉल्टर जन सूचना अधिकारियों से जुर्माना राशि वसूली के लिए उनके वेतन से कटौती करने का मैकेनिज्म बना कर लागू कर दिया है । इसके लिए लोकायुक्त कोर्ट में छह साल तक लंबी जद्दोजहद चली । इस दौरान लोकायुक्त जस्टिस हरिपाल वर्मा ने कई आदेश ऑर्डर किए और चीफ सेक्रेटरी के स्तर पर कई बार उच्च अधिकारियों की मीटिंग हुई । लोकायुक्त ने तीन माह के अंदर इस मामले में की गई कारवाई की रिपोर्ट भी तलब की है । आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने छह वर्ष पूर्व 21 जुलाई 2020 को लोकायुक्त कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि प्रदेश के अधिकांश जन सूचना अधिकारी न तो सूचना देते हैं और न ही राज्य सूचना आयोग द्वारा लगाई गई जुर्माना राशि जमा कराते हैं । याचिका द्वारा ऐसे कुल 1726 डिफॉल्टर जन सूचना अधिकारियों से 2.27 करोड़ रुपए की बकाया जुर्माना राशि वसूली की मांग की थी ।
अब सरकार द्वारा जुर्माना राशि वसूली के लिए बनाए गए मैकेनिज्म के तहत सभी डिफॉल्टर जन सूचना अधिकारियों की सूची वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी । राज्य सूचना आयोग हर तिमाही पर डिफॉल्टर जन सूचना अधिकारियों की लिस्ट संबंधित विभाग के मुखिया को देगा । जुर्माना राशि दोषी कर्मचारियों के वेतन व पेंशन से समयबद्ध तरीके से कटेगी । जुर्माना राशि वसूली के लिए सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों व विभागाध्यक्षों को स्पष्ट व सख्त आदेश जारी किए हैं। इन्हें यह जुर्माना राशि वसूल करके रिपोर्ट हर माह राज्य सूचना आयोग में पेश करनी होगी ।
लोकायुक्त को दी रिपोर्ट में सरकार ने बताया है कि पंचायत विभाग के जन सूचना अधिकारियों की ओर कुल 1,34,86,833 रुपए, शिक्षा विभाग( डी एस ई) 22,77,276 रूपये,रेवेन्यू विभाग 14,76,500 रुपए,शहरी निकाय विभाग 80,96,381 रुपए सहित कुल 16 विभागों के डिफॉल्टर जन सूचना अधिकारियों की ओर कुल 2,94,87,657 रुपए की जुर्माना राशि बकाया है । कपूर ने बताया कि जुर्माना राशि वसूली का यह मैकेनिज्म बनाने और लागू करने वाला हरियाणा पहला राज्य पूरे देश में बन गया है । जुर्माना राशि वसूली से सरकार को राजस्व मिलेगा और डिफॉल्टर जन सूचना अधिकारियों पर लगाम कसेगी ।
जुर्माना राशि वसूली की स्लैब:- क्लास “ए” अधिकारियों के वेतन से 10हजार प्रति माह, बी क्लास अधिकारियों से 7000 प्रति माह,सी क्लास अधिकारियों के वेतन से 4000 रुपए प्रति माह जुर्माना राशि कटेगी । सेवानिवृत ए क्लास अधिकारियों की पेंशन से 5000 प्रति माह, बी क्लास अधिकारियों की पेंशन से 3500 व सी क्लास अधिकारियों की पेंशन से 2000 प्रति माह कटेंगे । सरपंचों के मानदेय से 300 रुपए जुर्माना राशि कटेगी तो पूर्व सरपंचों से डीसी द्वारा जुर्माना राशी वसूल की जाएगी ।
















