हरियाणा/रेवाड़ी 23 मईI
हरियाणा के रेवाड़ी जिला सचिवालय स्थित सरल केंद्र में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने लाइसेंस ब्रांच में तैनात ऑपरेटर अमरदीप सैनी को 4500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
लाइसेंस बनवाने के नाम पर मांगे 4700 रुपये
जानकारी के मुताबिक आरोपी ऑपरेटर अमरदीप सैनी लाइसेंस बनवाने के लिए शिकायतकर्ता से 4700 रुपये की मांग कर रहा था। बाद में दोनों के बीच 4500 रुपये में सौदा तय हुआ।
पैसे लेने के लिए बुलाया अलग जगह
आरोपी ने शिकायतकर्ता गौरव को अनाज मंडी स्थित सीएचसी सेंटर पर पैसे देने के लिए बुलाया था। पहले से सतर्क एसीबी टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रैप लगाया और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया।
सरकारी फीस से कई गुना ज्यादा वसूली
सूत्रों के अनुसार लर्निंग और परमानेंट लाइसेंस बनवाने की सरकारी फीस करीब 2300 रुपये है, लेकिन आरोपी उससे दोगुनी रकम वसूल रहा था।
बड़ा सवाल: क्या सिर्फ मोहरा है आरोपी?
इस पूरे मामले के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं:
- क्या अमरदीप सैनी सिर्फ एक मोहरा है?
- लाइसेंसिंग ब्रांच में किसके इशारे पर चल रही थी ये वसूली?
- क्या जांच में बड़े अधिकारियों के नाम सामने आएंगे?
लंबे समय से एक ही सीट पर कर्मचारी
यह भी सामने आया है कि लाइसेंसिंग ब्रांच में कुछ कर्मचारी लंबे समय से एक ही “मलाईदार सीट” पर जमे हुए हैं, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।
हाल ही में हुआ था ट्रांसफर
बताया जा रहा है कि आरोपी का करीब 7 महीने पहले ही इस ब्रांच में ट्रांसफर हुआ था और उसके पास लर्निंग लाइसेंस और CM विंडो का जिम्मा भी था।
4 दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई
गौरतलब है कि पिछले 4 दिनों में एसीबी की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले एक होमगार्ड कमांडेंट को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। रेवाड़ी में लगातार सामने आ रहे भ्रष्टाचार के मामलों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच सिर्फ छोटे कर्मचारियों तक सीमित रहती है या बड़े अधिकारियों तक भी पहुंचती है।

















