पश्चिम बंगाल , 28 फरवरी 2026
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपने चार उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। पार्टी की ओर से जारी सूची में राज्य सरकार के मंत्री, पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारी, सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील और लोकप्रिय फिल्म अभिनेत्री — चारों को जगह दी गई है।
टीएमसी के चार घोषित उम्मीदवार
टीएमसी ने जिन चेहरों पर भरोसा जताया है, उनमें शामिल हैं —
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बाबुल सुप्रियो
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राजीव कुमार
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मेनका गुरुस्वामी
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कोयल मल्लिक
पार्टी का कहना है कि यह सूची प्रशासनिक अनुभव, राजनीतिक पकड़, कानूनी विशेषज्ञता और जनसंपर्क की ताकत — चारों का संतुलन दर्शाती है।
कितनी सीटों पर है मुकाबला
इस बार पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की कुल पांच सीटें खाली हो रही हैं। विधानसभा के मौजूदा संख्या बल को देखते हुए टीएमसी के चार सीटें जीतने की संभावना बेहद मजबूत मानी जा रही है।
बाबुल सुप्रियो: बीजेपी से टीएमसी तक का सफर
बाबुल सुप्रियो पहले भारतीय जनता पार्टी से सांसद और केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वे 2014 और 2019 में आसनसोल से लोकसभा सांसद चुने गए थे। 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने बीजेपी छोड़कर टीएमसी जॉइन की थी। फिलहाल वे ममता सरकार में मंत्री हैं और पार्टी के प्रमुख राजनीतिक चेहरों में गिने जाते हैं।
राजीव कुमार: सबसे ज्यादा विवादों में रहा नाम
पूर्व डीजीपी राजीव कुमार का नाम इस सूची में सबसे ज्यादा चर्चा और विवाद का विषय बना हुआ है। वे लंबे समय तक राज्य पुलिस के शीर्ष पद पर रहे हैं और ममता बनर्जी के करीबी अधिकारियों में गिने जाते रहे हैं। उनकी भूमिका को लेकर शारदा और रोजवैली चिटफंड घोटालों की जांच के दौरान सवाल उठे थे। 2019 में जब केंद्रीय जांच ब्यूरो ने उनसे पूछताछ की कोशिश की थी, तब ममता बनर्जी ने कोलकाता में धरना दिया था। उन पर जांच के दौरान साक्ष्यों से छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप भी लगे थे। इसी वजह से उनका नाम टिकट सूची में होना एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।
मेनका गुरुस्वामी: कानूनी मोर्चे की मजबूत चेहरा
तीसरा नाम है सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी का। वे संवैधानिक अधिकारों और नागरिक स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में अपनी मजबूत पैरवी के लिए जानी जाती हैं।
हाल ही में वे राजनीतिक रणनीतिकार संस्था आई-पैक से जुड़े मामले में टीएमसी की ओर से कानूनी पक्ष संभाल चुकी हैं।
इसी केस से जुड़ी कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद राज्य की राजनीति और ज्यादा गर्म हो गई थी।
राजनीतिक पारिवारिक पृष्ठभूमि भी चर्चा में
मेनका गुरुस्वामी, वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक मोहन गुरुस्वामी की बेटी हैं। मोहन गुरुस्वामी कभी पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा के सलाहकार भी रह चुके हैं।
कोयल मल्लिक: सिनेमा से संसद तक का रास्ता
चौथा और सबसे चौंकाने वाला नाम है बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री की लोकप्रिय अभिनेत्री कोयल मल्लिक का।
पार्टी का मानना है कि कोयल मल्लिक को उम्मीदवार बनाकर युवा मतदाताओं और कला-संस्कृति से जुड़े वर्ग तक अपनी पहुंच को और मजबूत किया जा सकता है।
टीएमसी का आधिकारिक संदेश
तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा है कि चारों उम्मीदवार पार्टी की वैचारिक विरासत को आगे बढ़ाएंगे और संसद के उच्च सदन में आम लोगों के अधिकार और सम्मान से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे।
2026 की बड़ी तैयारी का संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सूची केवल राज्यसभा चुनाव तक सीमित रणनीति नहीं, बल्कि 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी की व्यापक राजनीतिक तैयारी का साफ संकेत है। प्रशासनिक अनुभव, विवादों में रहे वरिष्ठ अधिकारी, चर्चित वकील और लोकप्रिय अभिनेत्री — इन चार अलग-अलग चेहरों के जरिए तृणमूल कांग्रेस ने साफ संदेश दे दिया है कि वह आने वाले चुनावी मुकाबले के लिए हर मोर्चे पर खुद को मजबूत करने में जुट चुकी है।
















