नई दिल्ली, 24 फरवरी 2026
आज केंद्र सरकार की एक ऐतिहासिक बैठक हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई जगह ‘सेवा तीर्थ’ में पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की जा रही है। यह बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई।इससे पहले पिछली कैबिनेट बैठक 13 फरवरी को साउथ ब्लॉक स्थित पुराने प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई थी।
पीएम मोदी ने पिछली बैठक में साझा की थीं ऐतिहासिक यादें
प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों को बताया था कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को शुरुआती चार कैबिनेट बैठकें राष्ट्रपति भवन में करनी पड़ी थीं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि साउथ ब्लॉक के कार्यालय से देश से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। देश के पहले चार बड़े युद्धों की रणनीति भी साउथ ब्लॉक के वॉर रूम में बनाई गई थी।
कैबिनेट बैठक में सिर्फ एजेंडा पर नहीं होती चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी हर साप्ताहिक कैबिनेट बैठक में केवल एजेंडा तक सीमित नहीं रहते, बल्कि पूरे सप्ताह की बड़ी घटनाओं पर भी चर्चा करते हैं।वे मंत्रियों से फीडबैक और सुझाव भी लेते हैं।
“अच्छी खबर” साझा करने की परंपरा प्रधानमंत्री चाहते हैं कि हर मंत्री बैठक में कोई न कोई अच्छी खबर जरूर साझा करे — चाहे वह मंत्रालय से जुड़ी हो या व्यक्तिगत जीवन से। इसका उद्देश्य बैठक में सकारात्मक माहौल बनाना और मंत्रियों को प्रेरित करना है। सेवा तीर्थ में हो रही पहली बैठक में भी अच्छी खबरें साझा किए जाने की उम्मीद है।
कैबिनेट सचिवालय भी सेवा तीर्थ में शिफ्ट
कैबिनेट सचिवालय को भी अब सेवा तीर्थ परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया है। सेवा तीर्थ के पास ही नया प्रधानमंत्री आवास भी निर्माणाधीन है। भविष्य में नया संसद भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय और मंत्रियों के कार्यालय पास-पास होने से वीवीआईपी मूवमेंट के कारण लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
आज की बैठक का अहम एजेंडा
आज की कैबिनेट बैठक में जर्मनी और कनाडा के साथ दुर्लभ खनिज क्षेत्र में सहयोग समझौतों को मंजूरी मिल सकती है। जर्मनी के साथ समझौते के तहत — भारत और जर्मनी संयुक्त रूप से दुर्लभ खनिजों का अन्वेषण करेंगे और तकनीक हस्तांतरण भी होगा। वहीं, कनाडा के साथ सहयोग से भारत को आधुनिक तकनीक और ऊर्जा सुरक्षा के लिए जरूरी खनिजों की आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अहम कदम
भारत, आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत लीथियम, कोबाल्ट और निकल जैसे रणनीतिक खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दे रहा है। आज की कैबिनेट बैठक को इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, सेवा तीर्थ में हो रही यह पहली कैबिनेट बैठक प्रशासनिक बदलाव, नई कार्य संस्कृति और भारत की रणनीतिक साझेदारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।

















