नई दिल्ली, 14 फरवरी 2026
भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया व्यापार समझौते को लेकर देश की राजनीति में तीखी बयानबाज़ी शुरू हो गई है। जहां विपक्ष इसे अमेरिका के पक्ष में गया करार दे रहा है, वहीं केंद्र सरकार इसे भारत के लिए फायदेमंद समझौता बता रही है।
इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल आमने-सामने आ गए हैं। राहुल गांधी ने दावा किया था कि अगर बांग्लादेश अमेरिका से कपास या सूत खरीदता है, तो उसे अमेरिका में कपड़ा ज़ीरो ड्यूटी पर निर्यात करने की सुविधा मिलती है, जबकि भारत को यह लाभ नहीं मिलता।
राहुल गांधी के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि भारत को भी बिल्कुल वही सुविधा मिलती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भारतीय निर्यातक अमेरिका से कपास या धागा खरीदकर भारत में उसका प्रसंस्करण करते हैं और फिर अमेरिका को निर्यात करते हैं, तो उन्हें भी ज़ीरो ड्यूटी का लाभ मिलता है। गोयल के अनुसार यह कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि वर्षों से भारत की विदेशी व्यापार नीति का हिस्सा रही है।
पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार के समय बने विशेष आर्थिक क्षेत्र कानून के तहत भी कच्चा माल बिना शुल्क आयात कर उसे प्रोसेस करके निर्यात करने की व्यवस्था थी। उन्होंने दावा किया कि इस नीति से रोजगार बढ़ता है, विदेशी मुद्रा आती है और देश की आर्थिक ताकत मजबूत होती है।
गोयल ने कहा कि इस समझौते से भारत की कपास उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी और घरेलू मांग भी मजबूत होगी। टेक्सटाइल सेक्टर में किसानों और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बजट की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 12 लाख 21 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट का उद्देश्य युवाओं को रोजगार, अर्थव्यवस्था को मजबूती और 140 करोड़ देशवासियों की अपेक्षाओं को पूरा करना है।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि विपक्ष के पास केवल भ्रम फैलाने की राजनीति बची है और वह किसानों तथा युवाओं को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है।
अंत में उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य सभी का साझा संकल्प है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निवेश, रोजगार और विकास के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ रहा है।

















