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March 1, 2026 10:55 pm

प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश की टैक्स व्यवस्था में बड़े बदलाव का ऐलान करते हुए मौजूदा चार स्लैब वाले (जीएसटी) बनाकर दो स्लैब सिस्टम में बदलने की घोषणा की थी

मिडिल क्लास के लोगो के लोगो के गाड़ी का सपना होगा पूरा। दिल्ली 3 सितंबर 2023 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश की टैक्स व्यवस्था में बड़े बदलाव का ऐलान करते हुए मौजूदा चार स्लैब वाले (जीएसटी) स्ट्रक्चर को सरल बनाकर दो स्लैब सिस्टम में बदलने की घोषणा की थी ,और इसी दिशा में अब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की दो दिवसीय बैठक 3 और 4 सितंबर को हो रही है, जिसमें नए ढांचे को अंतिम रूप दिया जाएगा और यह स्पष्ट किया जाएगा कि किन वस्तुओं पर कितना कर लागू होगा।

मिडिल क्लास के लोगो के लोगो के गाड़ी का सपना होगा पूरा।

दिल्ली 3 सितंबर 2023 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश की टैक्स व्यवस्था में बड़े बदलाव का ऐलान करते हुए मौजूदा चार स्लैब वाले (जीएसटी) स्ट्रक्चर को सरल बनाकर दो स्लैब सिस्टम में बदलने की घोषणा की थी ,और इसी दिशा में अब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की दो दिवसीय बैठक 3 और 4 सितंबर को हो रही है, जिसमें नए ढांचे को अंतिम रूप दिया जाएगा और यह स्पष्ट किया जाएगा कि किन वस्तुओं पर कितना कर लागू होगा।

कौन कौन सी गाड़िया होगी सस्ती
मौजूदा समय में जीएसटी सिस्टम 5%, 12%, 18% और 28% के चार प्रमुख स्लैब पर आधारित है, लेकिन सरकार ने इसे घटाकर दो स्लैब करने का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत ज़रूरी सामानों पर 5% और बाकी अधिकांश वस्तुओं पर 18% टैक्स लगेगा जबकि लग्जरी वस्तुओं के लिए एक विशेष 40% का नया स्लैब भी रखा जाएगा। इस प्रस्तावित बदलाव का सबसे बड़ा असर ऑटोमोबाइल सेक्टर पर पड़ने वाला है क्योंकि अभी पैसेंजर कारों पर 28% से लेकर 50% तक जीएसटी और अलग से 1% से 22% तक सेस लगाया जाता है, जिससे वाहनों की कीमत बहुत अधिक हो जाती हैं, लेकिन नए ढांचे में छोटी कारें यानी 1.2 लीटर इंजन और 4 मीटर से कम लंबाई वाली गाड़ियां 18% स्लैब में आ सकती हैं, जिससे इनकी कीमतों में 7 से 8% तक की गिरावट संभव है। बड़ी कारों और एसयूवी पर मौजूदा समय में 48% से 50% तक टैक्स लगता है लेकिन प्रस्तावित बदलाव के बाद इन्हें 40% स्लैब में डाला जा सकता है, हालांकि सरकार ने संकेत दिया है कि लग्जरी वाहनों पर सेस में कटौती कर कुल कर दर को लगभग 50% के आसपास ही बनाए रखा जाएगा।

जानकारों के माने तो काउंसलिंग की इस बैठक में इस पर मुहर लगती है तो लंबे समय से संघर्ष कर रहे एंट्री लेवल कार सेगमेंट को बड़ी राहत मिलेगी, जिससे छोटे उपभोक्ताओं को कार खरीदने का नया मौका मिलेगा। उदाहरण के तौर पर मारुति ऑल्टो K10 जिसकी मौजूदा कीमत 4.23 लाख रुपये से शुरू होती है, नए टैक्स ढांचे के बाद लगभग 3.80 लाख रुपये में मिल सकती है, वहीं रेनॉ क्विड में तकरीबन 45,000 रुपये की कमी आ सकती है। महिंद्रा स्कॉर्पियो जिसकी मौजूदा कीमत 13.99 लाख रुपये से 25.62 लाख रुपये तक जाती है उसमें करीब 3 लाख रुपये तक की गिरावट संभव है। जबकि महिंद्रा थार और नई थार Roxx जैसी एसयूवी पर भी टैक्स स्ट्रक्चर के हिसाब से बड़ी कटौती की उम्मीद जताई जा रही है। दूसरी ओर Hyundai Creta जैसी पॉपुलर एसयूवी जिसकी मौजूदा लंबाई 4,330 मिमी और इंजन क्षमता 1,497 सीसी है, वह भी 11.11 लाख रुपये की शुरुआती कीमत से और सस्ती हो सकती है।

कौन कौन सी गाड़ियों की कीमत बढ़ सकती है।
टोयोटा फॉर्च्यूनर ,महिंद्रा थार आरओएक्स ,मिड साइज एसयूबी ,हुंडई अल्काजार ,टाटा हैरियर ,बीएमडब्लू 3 सीरीज ऑडी ए 4 ये सभी गाड़िया 4 मिटर से लंबी है इसकी कीमत बाद सकती है।
सरकार का मानना है कि टैक्स घटने से वाहनों की बिक्री बढ़ेगी, डिमांड में इजाफा होगा और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पीएम मोदी ने 15 अगस्त को अपने भाषण में कहा था कि यह बदलाव दिवाली से पहले लागू किया जाएगा और यह आम जनता के लिए दिवाली गिफ्ट जैसा होगा। ऐसे में अब पूरे देश की निगाहें जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक पर टिकी हुई हैं, जहां से जीएसटी 2.0 का रास्ता साफ हो सकता है और जो आने वाले दिनों में भारत की टैक्स व्यवस्था और उपभोक्ताओं की जेब दोनों पर सीधा असर डालेगा।

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