Gurugram Manesar 5 August
मानेसर नगर निगम की मंगलवार को बुलाई गई सदन बैठक शुरू होने से पहले ही विवाद में घिर गई। बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों के बीच तीखी बहस के बाद मामला धक्का-मुक्की और हाथापाई तक पहुंच गया। देखते ही देखते सदन का माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि मेयर को बैठक स्थगित करनी पड़ी।विवाद के बाद दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी गई है। दोनों पक्षों ने अभद्र व्यवहार, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल मामला पुलिस तक पहुंच चुका है और शिकायतों के आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, नगर निगम की यह बैठक पहली बार मेयर डॉ. इंद्रजीत यादव के निगम स्थित कार्यालय में बुलाई गई थी। बैठक शुरू होने के दौरान सीनियर डिप्टी मेयर प्रवीण यादव ने सदन के सामने अपनी बात रखने के लिए करीब दो मिनट का समय मांगा।बताया जा रहा है कि मेयर डॉ. इंद्रजीत यादव ने तत्काल बोलने की अनुमति नहीं दी और कहा कि पहले सदन की कार्यवाही शुरू होने दी जाए। इसके बाद अनुमति लेकर अपनी बात सदन के सामने रखी जा सकती है। सीनियर डिप्टी मेयर इसके बाद अपने स्थान पर जाकर बैठ गए।सूत्रों के मुताबिक, इसके कुछ ही देर बाद मेयर पक्ष के एक पार्षद ने कथित तौर पर मेयर की अनुमति के बिना बोलना शुरू कर दिया। इस पर सीनियर डिप्टी मेयर के साथ मौजूद पार्षदों ने आपत्ति जताई।यहीं से दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई। देखते ही देखते बहस ने हंगामे का रूप ले लिया और जनप्रतिनिधियों के बीच धक्का-मुक्की तथा हाथापाई की स्थिति बन गई। सदन में बढ़ते विवाद को देखते हुए मेयर ने बैठक स्थगित कर दी।हंगामे के बाद मामला सिर्फ नगर निगम की बैठक तक सीमित नहीं रहा। दोनों पक्षों की ओर से पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतों में एक-दूसरे पर अभद्रता, मारपीट और धमकी देने सहित गंभीर आरोप लगाए गए हैं।अब पुलिस के सामने चुनौती पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की है। पुलिस शिकायतों, मौके पर मौजूद लोगों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच करेगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की शुरुआत किस बात से हुई और हाथापाई की स्थिति कैसे बनी।
मानेसर नगर निगम की सदन की बैठकों को लेकर इससे पहले भी जनप्रतिनिधियों के बीच मतभेद सामने आते रहे हैं। हाल ही में कांग्रेस से जुड़े कई पार्षदों ने नगर निगम की बैठक का बहिष्कार भी किया था। ऐसे में मंगलवार की घटना ने मानेसर नगर निगम में चल रहे राजनीतिक और आपसी मतभेदों को एक बार फिर सामने ला दिया है।फिलहाल दोनों पक्ष अपनी-अपनी शिकायतों और आरोपों के साथ सामने हैं। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
















