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July 23, 2026 3:50 am

बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और चिकित्सा दल मौके पर , इच्छा के विरुद्ध वहां से हटाकर अस्पताल ले जाया गया

सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी कर रही हैं जंतर-मंतर और उसके आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात नई दिल्ली, 18 जुलाई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरना-प्रदर्शन के दौरान शुक्रवार सुबह पुलिस ने बड़ा अभियान चलाते हुए धरना स्थल को खाली करा दिया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और चिकित्सा दल मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाकर कई लोगों को एहतियातन अस्पताल ले जाया गया। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी कर रही हैं

जंतर-मंतर और उसके आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात

नई दिल्ली, 18 जुलाई।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरना-प्रदर्शन के दौरान शुक्रवार सुबह पुलिस ने बड़ा अभियान चलाते हुए धरना स्थल को खाली करा दिया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और चिकित्सा दल मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाकर कई लोगों को एहतियातन अस्पताल ले जाया गया। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

धरना स्थल खाली कराए जाने के बाद जंतर-मंतर और उसके आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह पुलिस और डॉक्टरों की टीम अचानक धरना स्थल पर पहुंची। इसके बाद वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। कई प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध वहां से हटाकर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद भी कुछ लोगों ने अपना विरोध जारी रखते हुए अनशन पर बैठने का फैसला किया।

धरना स्थल खाली कराए जाने के बाद जंतर-मंतर और उसके आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। बैरिकेडिंग बढ़ा दी गई है और हर आने-जाने वाले व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन करने और अपनी मांग रखने का अधिकार

इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन करने और अपनी मांग रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि किसी आंदोलनकारी को जबरन धरना स्थल से हटाया जाता है तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं माना जा सकता। उन्होंने सरकार से संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की।

सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर और सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव भी जंतर-मंतर

सूत्रों के अनुसार, पुलिस कार्रवाई के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को मामूली चोटें भी आई हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यह भी जानकारी सामने आई है कि कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस बसों में बैठाकर अन्य स्थानों पर ले गई।

इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर और सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव भी जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से मिलने का प्रयास करने पहुंचे। हालांकि, उन्हें कथित तौर पर सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए धरना स्थल तक जाने की अनुमति नहीं दी गई।

टीम समय-समय पर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है।

अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

अस्पताल में भर्ती किए गए प्रदर्शनकारियों की स्वास्थ्य स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मेडिकल टीम समय-समय पर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है। वहीं, अस्पताल परिसर के बाहर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

धरना स्थल पर हुई इस कार्रवाई के बाद विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार को निशाने पर ले रहे हैं। कई नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है, जबकि सरकार का पक्ष अभी आधिकारिक रूप से सामने आना बाकी है।

फिलहाल जंतर-मंतर पर स्थिति पूरी तरह पुलिस के नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।

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