गुरुग्राम,15 जुलाई
गुरुग्राम रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) ने घर खरीदारों और निवेशकों के हितों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी आवासीय या व्यावसायिक संपत्ति की खरीद-बिक्री केवल RERA में पंजीकृत रियल एस्टेट एजेंट के माध्यम से ही करें। इससे लेन-देन न केवल पारदर्शी और विश्वसनीय रहेगा, बल्कि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद होने पर खरीदारों को कानूनी संरक्षण भी प्राप्त होगा।

RERA ने स्पष्ट किया कि रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 का उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाना, उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और एजेंटों व डेवलपर्स की जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए अधिनियम में रियल एस्टेट एजेंटों के पंजीकरण को अनिवार्य बनाया गया है।
बिना पंजीकरण के एजेंट नहीं कर सकते संपत्ति का लेन-देन
प्राधिकरण द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि अधिनियम के अनुसार कोई भी रियल एस्टेट एजेंट RERA में पंजीकरण कराए बिना किसी पंजीकृत रियल एस्टेट परियोजना में प्लॉट, फ्लैट, मकान या अन्य संपत्ति की बिक्री, खरीद, विपणन या सौदे को आगे बढ़ाने का कार्य नहीं कर सकता।
ऐसे एजेंटों को किसी भी प्रकार का विज्ञापन, मार्केटिंग, ग्राहकों को प्रोजेक्ट से जोड़ने अथवा खरीद-बिक्री की प्रक्रिया में मध्यस्थता करने की अनुमति नहीं है। यह प्रावधान उपभोक्ताओं को अनधिकृत एजेंटों से होने वाली संभावित धोखाधड़ी से बचाने के उद्देश्य से लागू किया गया है।
प्रॉपर्टी खरीदने से पहले करें एजेंट का सत्यापन
RERA ने सभी संभावित खरीदारों को सलाह दी है कि किसी भी परियोजना में निवेश करने से पहले संबंधित एजेंट के पंजीकरण की पुष्टि अवश्य करें। इसके लिए खरीदार गुरुग्राम RERA की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध पंजीकृत एजेंटों की सूची, दिशा-निर्देश और अन्य आवश्यक जानकारी का अवलोकन कर सकते हैं।
प्राधिकरण का कहना है कि एजेंट का सत्यापन करने से खरीदारों को यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि वे अधिकृत व्यक्ति के माध्यम से ही लेन-देन कर रहे हैं और उनका निवेश सुरक्षित रहेगा।
कौन-कौन आते हैं रियल एस्टेट एजेंट की श्रेणी में?
RERA अधिनियम के अनुसार, वह प्रत्येक व्यक्ति रियल एस्टेट एजेंट माना जाता है जो किसी रियल एस्टेट परियोजना में प्लॉट, फ्लैट या भवन की खरीद-बिक्री में किसी अन्य व्यक्ति की ओर से बातचीत करता है, सौदा करवाता है या खरीदार और विक्रेता के बीच संपर्क स्थापित करता है तथा इसके बदले कमीशन, फीस या किसी अन्य प्रकार का पारिश्रमिक प्राप्त करता है।
इसमें प्रॉपर्टी डीलर, ब्रोकर, रियल एस्टेट कंसल्टेंट, मध्यस्थ तथा किसी भी अन्य नाम से इस प्रकार का कार्य करने वाले सभी व्यक्ति शामिल हैं।
धारा 9 के तहत अनिवार्य है पंजीकरण
रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 9 के तहत प्रत्येक रियल एस्टेट एजेंट के लिए संबंधित राज्य की रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। पंजीकरण के बिना कोई भी एजेंट RERA के दायरे में आने वाली किसी परियोजना में कानूनी रूप से लेन-देन नहीं करा सकता।
प्राधिकरण का कहना है कि यह व्यवस्था रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता संरक्षण को मजबूत करने के लिए लागू की गई है।
विवाद होने पर मिलेगा कानूनी संरक्षण
RERA ने कहा कि पंजीकृत एजेंटों के माध्यम से संपत्ति खरीदने का एक बड़ा लाभ यह है कि भविष्य में यदि किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न होता है तो खरीदार RERA अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज कर कानूनी राहत प्राप्त कर सकते हैं।
पंजीकृत एजेंट नियामक व्यवस्था के दायरे में कार्य करते हैं, जिससे उनकी जवाबदेही तय होती है और उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
निवेश से पहले बरतें सावधानी
प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि केवल आकर्षक विज्ञापनों या मौखिक आश्वासनों के आधार पर किसी भी प्रॉपर्टी में निवेश न करें। निवेश से पहले परियोजना की RERA पंजीकरण स्थिति, एजेंट का पंजीकरण, दस्तावेजों की वैधता तथा सभी आवश्यक कानूनी जानकारियों की जांच अवश्य करें।
RERA का मानना है कि जागरूकता और सतर्कता ही घर खरीदारों को धोखाधड़ी से बचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसलिए प्रत्येक खरीदार को निवेश से पहले सभी आवश्यक तथ्यों का सत्यापन करना चाहिए, ताकि उसकी जीवनभर की कमाई सुरक्षित रहे और उसे भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी या वित्तीय परेशानी का सामना न करना पड़े।

















