हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण: चंद्रवीर गायत्री व हरीश रावत ने दी बधाई, बोले—चुनौतियों के बीच भी पत्रकारिता की विश्वसनीयता जरूरी
देहरादून। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष चंद्रवीर गायत्री और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने पत्रकारों को बधाई देते हुए उनके योगदान की सराहना की।
हिंदी पत्रकारिता का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है, अध्यक्ष चंद्रवीर गायत्री

भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रवीर गायत्री ने अपने संदेश में कहा कि हिंदी पत्रकारिता का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। यह केवल खबरों का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने, जनहित के मुद्दों को उठाने और राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाला सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि बीते दो सदियों में पत्रकारिता ने कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन हर दौर में पत्रकारों ने निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने सभी पत्रकारों से अपील की कि वे पत्रकारिता के मूल मूल्यों को बनाए रखें और इस विरासत को आगे बढ़ाएं।
वहीं, इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पत्रकारों को सम्मानित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता करना जोखिम भरा कार्य बन गया है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में पत्रकारों को कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और कई बार उन्हें कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है।
पत्रकारों के कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए थे,हरीश रावत

हरीश रावत ने अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि जब उनकी सरकार उत्तराखंड में थी, तब पत्रकारों के कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्तमान सरकार भी पत्रकारों के हित में जागरूक होगी और उनके कल्याण के लिए सकारात्मक कदम उठा रही होगी।
उत्तराखंड के बदलते स्वरूप पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब राज्य में पंखे, कूलर और एसी जैसी सुविधाएं बहुत कम देखने को मिलती थीं, लेकिन अब समय बदल गया है और इनकी आवश्यकता हर जगह महसूस होने लगी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आज देश का एक प्रमुख टूरिस्ट हब बन चुका है और इसे और अधिक सुंदर और विकसित बनाने की आवश्यकता है।
पत्रकारों को अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए निष्पक्षता और सत्य के मार्ग पर चलना होगा।
इस दौरान हरीश रावत ने श्रमजीवी पत्रकार संघ के दो वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित सभी पत्रकारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है और पत्रकारों को अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए निष्पक्षता और सत्य के मार्ग पर चलना होगा।
अंत में दोनों नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि हिंदी पत्रकारिता आने वाले समय में और अधिक सशक्त होकर उभरेगी तथा लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।
















