17 फरवरी 2026
बांग्लादेश की कार्यवाहक सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने सोमवार को अपने विदाई संबोधन में कहा कि उनके 18 महीने के कार्यकाल ने देश की विदेश नीति को एक नई दिशा दी है। उन्होंने दावा किया कि अब बांग्लादेश किसी के निर्देशों पर चलने वाला आज्ञाकारी देश नहीं रहा, बल्कि अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने वाला आत्मविश्वासी राष्ट्र बन चुका है।
टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज का बांग्लादेश संप्रभुता, राष्ट्रीय हित और गरिमा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यूनुस ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने संप्रभुता, राष्ट्रीय हित और राष्ट्रीय गरिमा—इन तीन मूल स्तंभों को फिर से मजबूत किया है।
अपने संदेश में यूनुस ने कहा, “मैं सभी नागरिकों से, चाहे वे किसी भी दल, धर्म, पंथ, जाति या लिंग से जुड़े हों, एक न्यायपूर्ण, मानवीय और लोकतांत्रिक बांग्लादेश के निर्माण के लिए संघर्ष जारी रखने की अपील करता हूं।”
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की भौगोलिक स्थिति पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र में बड़े आर्थिक अवसर पैदा करने की क्षमता रखती है। यूनुस ने बांग्लादेश के खुले समुद्री क्षेत्र को एक रणनीतिक संपत्ति बताते हुए कहा कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ने का प्रवेश द्वार है।
उन्होंने नेपाल और भूटान और पूर्वोत्तर भारत के साथ क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक, देश के विकास के अगले चरण में बेहतर कनेक्टिविटी सबसे अहम भूमिका निभाएगी।
यूनुस ने बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान करीब 130 नए कानून बनाए गए, कई कानूनों में संशोधन किया गया और 600 से अधिक कार्यकारी आदेश जारी किए गए, जिनमें से अधिकांश अब लागू हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक और कानूनी सुधार उनकी सरकार की बड़ी उपलब्धि रहे हैं।हालांकि, यूनुस के कार्यकाल में भारत-बांग्लादेश संबंधों में ठंडापन भी देखा गया। भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासतौर पर हिंदू समुदाय पर हमलों को लेकर चिंता जताई थी। विश्लेषकों का मानना है कि राजनीतिक मतभेदों का असर व्यापार और आर्थिक सहयोग पर भी पड़ा है।
कुछ अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि यूनुस के नेतृत्व में बांग्लादेश को विदेश नीति के मोर्चे पर सीमित लाभ मिला, जबकि पाकिस्तान के साथ रिश्तों में अचानक आई नरमी को लेकर देश के भीतर व्यापक सहमति नहीं बन पाई। राजनीतिक और सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यूनुस सरकार ने पहले से ही ध्रुवीकृत राजनीतिक माहौल को और जटिल बना दिया।
इसी बीच, बांग्लादेश में अब नई सरकार बनने जा रही है। यूनुस का कार्यकाल अगस्त 2024 में शुरू हुआ था और आम चुनाव के बाद सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी हो रही है।बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी ने 12 फरवरी को हुए आम चुनाव में 297 में से 209 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है।पार्टी के वरिष्ठ नेता
तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार मंगलवार को शपथ लेने जा रही है। इसके साथ ही बांग्लादेश में एक नए राजनीतिक दौर की शुरुआत मानी जा रही है।

















