त्रिपुरा पहुंचे विप्लव देव कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत।

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महामंत्री के रूप में दिल्ली से ‘संगठन मंत्र’ लेकर त्रिपुरा पहुंचे बिप्लब देब, स्वागत में उमड़ा जनसैलाब

दिल्ली 31 August / भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद बिप्लब कुमार देब रविवार को जब नई सांगठनिक जिम्मेदारी के बाद पहली बार त्रिपुरा पहुंचे तो अगरतला की सड़कों पर कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बना। महाराजा बीर बिक्रम हवाई अड्डे पर हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने फूल-मालाओं, पारंपरिक वस्त्र और ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ अपने नेता का जोरदार स्वागत किया।
राष्ट्रीय महामंत्री बनने के बाद बिप्लब देब का यह पहला त्रिपुरा दौरा था। एयरपोर्ट से लेकर अभिनंदन समारोह स्थल तक कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय, राज्यसभा सांसद राजीव भट्टाचार्य, मंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया।

त्रिपुरा के बेटे’ को राष्ट्रीय जिम्मेदारी मिलने पर गर्व

अगरतला के रवींद्र शतवार्षिकी भवन में प्रदेश भाजपा की ओर से आयोजित भव्य अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने बिप्लब देब को राष्ट्रीय महामंत्री बनाए जाने को पूरे त्रिपुरा के लिए गौरव का विषय बताया।
मुख्यमंत्री और बिप्लब देब की गर्मजोशी भरी मुलाकात तथा दोनों नेताओं का मंच पर विजय चिन्ह प्रदर्शित करना प्रदेश भाजपा में एकजुटता और मजबूत नेतृत्व का संदेश देता नजर आया।अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए बिप्लब देब ने पार्टी के भीतर एकजुटता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि वह गुटबाजी में विश्वास नहीं रखते और भाजपा की असली ताकत उसका संगठन तथा समर्पित कार्यकर्ता हैं।उन्होंने कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत मतभेदों और खेमेबाजी से ऊपर उठकर संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। देब ने कहा कि पार्टी को मजबूत बनाने की लड़ाई बूथ से शुरू होती है और कार्यकर्ता ही भाजपा की सबसे बड़ी ताकत हैं।

‘रोज पांच घर जाइए, जनता से सीधा जुड़िए’

बिप्लब देब ने कार्यकर्ताओं को जमीनी राजनीति का स्पष्ट मंत्र देते हुए कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता को प्रतिदिन कम से कम पांच घरों तक पहुंचना चाहिए। लोगों से सीधे मिलना, उनकी समस्याएं सुनना और सरकार की योजनाओं की जानकारी उन तक पहुंचाना संगठन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा का संगठन केवल कार्यालयों में बैठकर मजबूत नहीं होगा। जनता के बीच जाकर, घर-घर संपर्क बनाकर और लोगों का विश्वास जीतकर ही संगठन को स्थायी रूप से मजबूत किया जा सकता है।

HM News India
Author: HM News India

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