दिल्ली 22 सितंबर / संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने दुनिया के सामने बढ़ते वैश्विक संकट को लेकर चिंता जताई है। न्यूयॉर्क में Partners for Multilateralism Summit में जयशंकर ने Fuel, Food, Fertilizer और Finance यानी 4F संकट का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव, प्रतिस्पर्धा और संघर्ष अंतरराष्ट्रीय सहयोग को कमजोर कर सकते हैं।जयशंकर का संदेश ऐसे समय आया है जब दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध, ऊर्जा संकट, महंगाई और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। Fuel यानी ईंधन की कीमतों का असर परिवहन से लेकर महंगाई तक दिखाई देता है। Food और Fertilizer का सीधा संबंध खाद्य सुरक्षा और खेती की लागत से है। वहीं Finance का मुद्दा विकासशील देशों के लिए आर्थिक संसाधनों और वित्तीय स्थिरता से जुड़ा है।

भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र और दूसरी वैश्विक संस्थाओं में सुधार की मांग करता रहा है। जयशंकर ने भी ज्यादा प्रतिनिधित्व वाली और पारदर्शी बहुपक्षीय व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना है कि वैश्विक संस्थाओं को मौजूदा दुनिया की वास्तविकताओं के मुताबिक बदलना होगा।इसी UNGA के दौरान भारत ने यूरोप के V4 समूह यानी हंगरी, पोलैंड, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य के साथ पहली V4+India विदेश मंत्रियों की बैठक भी की। दोनों पक्षों ने राजनीतिक सहयोग बढ़ाने और भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की दावेदारी समेत कई मुद्दों पर चर्चा की।
अब सवाल यह है कि दुनिया जिन चार बड़ी चुनौतियों ईंधन, भोजन, खाद, और वित्त का सामना कर रही है, क्या मौजूदा वैश्विक संस्थाएं उनका समाधान निकाल पाएंगी? भारत इस बहस में अपनी भूमिका को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।








