क्या मुख्यमंत्री की भी नहीं सुनते अधिकारी।
महीने में 5-6 बार दौरा करते हैं मुख्यमंत्री।
वर्षों से बनी हुई है गुरुग्राम में पानी निकालने की समस्या।
हर मुख्यमंत्री की प्राथमिकता रही है गुरुग्राम में रहने की।
गुरुग्राम 5 सितंबर।
साइबर सिटी के नाम से विदेश में पहचान बनाए हुए गुरुग्राम वर्षों से पानी की निकासी ने होने के कारण अब विदेशों में भी गुरुग्राम की छवि धूमिल होती जा रही है क्योंकि गुरुग्राम में विदेशी नागरिकों की संख्या सबसे अधिक है जिसमें अमेरिका चीन चीन दुबई जापान के अलावा अन्य देशों के नागरिकों के भी निवास है यहां तक की विदेशी राजदूत भी गुरुग्राम की भूमि पर अपना निवास बनाए हुए मगर सबसे बड़ी बात तो यह है हर बरसात के मौसम में गुरुग्राम की सड़के गलियां और खाली मैदान जोड़ के रूप में तब्दील हो जाते हैं सड़कों पर गाड़ियां डूब जाती है अंडरपास में पानी भरने के कारण लोगों की मौत हो जाती है लेकिन प्रशासनिक अधिकारी हर बार यही कहते हैं की आने वाली बारिश में गुरुग्राम में पानी की भरने की समस्या नहीं रहेगी।गुरुग्राम में हरियाणा सरकार की ओर से तीन बड़ी एजेंसियों का गठन किया हुआ है और इन पर और अरबों रुपए खर्च होते हैं लेकिन विकास के नाम पर गुरुग्राम लगातार पिछड़ता जा रहा है पानी की समस्या के साथ ट्रैफिक व्यवस्था भी चौपट।

मुख्यमंत्री के दावे हर बरसात में पानी में बह जाते हैं।
हरियाणा प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हर महीने गुरुग्राम अधिकारियों की बैठक लेते हैं और उनका हर महीने गुरुग्राम में 5-6 बार द्वारा होता है लेकिन गुरुग्राम की समस्या पर ध्यान देने की बजाय राजनीतिक ज्ञान बड़ी करके चले जाते हैं जिस जिले में छह बार मुख्यमंत्री का दौरा हो वह जिला विकास से कितना पिछड़ा है इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मामूली बरसात भी गुरुग्राम को तालाब के रूप में तब्दील कर देती है।
हर बरसात में प्रशासनिक अधिकारी लोगों को घर में रहकर काम करने की सलाह देते हैं।जब भी बरसात होती है गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर नगर निगम कमिश्नर की ओर से फरमान जारी होता है बरसात के कारण सड़कों पर पानी भरा हुआ है इसलिए अधिकतर कामकाज करने वाले लोग घर से कम करें कार्यालय में न जाए यह उनका आदेश होता है।
मनोहर लाल से लेकर नायब सिंह सैनी तक।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर जब प्रदेश के मुख्यमंत्री थे उसे समय से लेकर अब हाल में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वही बात कहते हैं जो पहले मनोहर लाल कहते थे यह गुरुग्राम का विकास जल्दी होगा पानी की निकासी का समाधान कर दिया गया है लेकिन ढाक के वही तीन पात।
अपनी सरकार में दुखी है केंद्रीय मंत्री।
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह अपनी सरकार में दुखी है पानी की निकासी को लेकर सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों पर सवाल खड़े कर चुके हैं लेकिन उनकी ना तो कोई प्रदेश में सुनने वाला है ने
जिले में हर बार दुखी मन से कहते हैं कि मैं पहले भी आदेश दिए थे जो प्राकृतिक नाले हैं जिन पर कब्जे हैं उनका कब्जा मुक्त कारण जिससे पानी अपना रास्ता स्वयं बन सके।







