प्रधानमंत्री ने शिक्षक से पूछा ,,,,मै आपका स्टूडेंट हु….टीचर मुस्कुराकर बोली ,,,

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टीचर डे के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने टीचरों से खास बातचीत की  

दिल्ली 05 अगस्त / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों से खास मुलाकात की। प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए शिक्षकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान पीएम मोदी ने शिक्षा, बच्चों के भविष्य और समाज से जुड़े कई अहम मुद्दों पर शिक्षकों से बातचीत की और उनके सुझाव भी मांगे। इस मुलाकात का वीडियो प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया हैंडल पर भी साझा किया गया है। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों से बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र काशी में चलाए गए ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं जांच कराने को लेकर खुलकर सामने नहीं आती थीं, लेकिन अब जागरूकता बढ़ने के साथ स्थिति बदल रही है। पीएम ने एक ही दिन में सबसे ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग कर विश्व रिकॉर्ड बनाने के अनुभव को भी याद किया

 

https://x.com/narendramodi/status/2096093485946565085?s=20

इस दौरान प्रधानमंत्री ने एक शिक्षिका से अपनी पब्लिक स्पीकिंग स्किल्स को बेहतर बनाने के लिए भी सुझाव मांगा। पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए पूछा कि अगर वह उनके विद्यार्थी होते और एक अच्छे वक्ता बनना चाहते, तो उन्हें क्या करना चाहिए?इस पर शिक्षिका ने कहा कि एक अच्छा वक्ता बनने के लिए सबसे जरूरी चीज आत्मविश्वास है और आत्मविश्वास लगातार अभ्यास से आता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के व्यक्तित्व को देखकर वह खुद भी थोड़ी घबरा गई थीं।

PM मोदी ने शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं से किया संवाद | PM Modi interacts with National Teacher Award winners on the eve of Teachers Day -

 

बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम पर चिंता जताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मोबाइल और स्क्रीन का अत्यधिक इस्तेमाल अब एक तरह की लत बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को वीडियो गेम की बजाय मैदान में खेले जाने वाले असली खेलों और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है। इससे उन्हें धीरे-धीरे स्क्रीन की लत से बाहर निकालने में मदद मिल सकती है।

पीएम मोदी ने शिक्षा जगत से अपील करते हुए कहा कि अब केवल किताबों और सिलेबस तक सीमित रहने का समय नहीं है। शिक्षकों को बच्चों की जिंदगी और उनके व्यक्तित्व से भी जुड़ना होगा।

उन्होंने कहा कि बचपन को खत्म नहीं होने देना चाहिए और उसे बचाए रखने में शिक्षक की सबसे बड़ी भूमिका होती है। पीएम मोदी के मुताबिक, एक शिक्षक का असली काम सिर्फ पढ़ाना नहीं, बल्कि बच्चे के भीतर मौजूद बचपन, जिज्ञासा और रचनात्मकता को जीवित रखना भी है।

hmnews india
Author: hmnews india

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