सैनी साहब, आप सीएम हैं, बहानेबाजी नहीं, चैनत में टी लगवाएं – दुष्यंत चौटाला
चंडीगढ़, 26 जून। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने हांसी जिले के गांव चैनत में पीने के पानी के लिए चल रहे जल आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने वीरवार को ग्रामीणों और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की हुई बैठक के बाद सीएम के सामने आए बयान कि “अमृत-1 व 2 योजना के तहत चैनत को टी नहीं दे सकते है” को बहानेबाजी करार दिया और कहा कि ये कहा लिखा हुआ है कि अमृत 1 और 2 योजना के अंतर्गत टी नहीं दे सकते ? दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आप मुख्यमंत्री हैं और ग्रामीणों की मांगों को मानकर तुरंत इस मसले का समाधान निकाले। दुष्यंत चौटाला ने आगे कहा कि चैनत को टी देने से कोई नुकसान नहीं है और हांसी शहर को भी पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि सरकार गांव चैनत के लिए उसी पाइपलाइन में दो घंटे अतिरिक्त पानी छोड़ सकती है। वे शुक्रवार को जींद और भिवानी जिले के दौरे के दौरान पत्रकारों से रूबरू थे।
पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने चैनत में बिगड़े हालात के लिए पूरी तरह भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि प्रशासनिक लापरवाही की वजह से ग्रामीणों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों पर तो मुकदमे दर्ज किए जा रहे है, वहीं सरकार के इशारे पर प्रशासन द्वारा चैनत में टी लगाई गई और अब तक इसकी जांच नहीं की गई है कि ये टी आई कहां से थी और किसने क्यों लगाई थी ? दुष्यंत चौटाला ने कहा कि करीब 12 घंटे तक बिना अधिकारिक निगरानी के ये प्रक्रिया चलती रही, लेकिन अब आनन-फानन में देर रात ग्रामीणों पर लाठीजार्च, आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
दुष्यंत चौटाला ने चैनत में प्रशासन द्वारा की गई घोर लापरवाही की कड़ी निंदा की और कहा कि प्रशासन की मूक सहमति के कारण ही चैनत में टी पहुंचाई गई और उसे उखाड़ कर ग्रामीणों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा में खोट है, अगर मुख्यमंत्री की नीयत साफ होती तो अब तक पेयजल को लेकर चैनत में इतना बड़ा विवाद नहीं होता और ग्रामीणों के लिए पीने के पानी की सप्लाई होती। इस दौरान पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने ग्रामीणों का हालचाल पूछा और फसल, मौसम, बिजली-पानी व्यवस्था आदि विषयों की जानकारी लेते हुए ग्रामीणों से संवाद किया। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में पानी की भारी समस्या है और अनेक गांवों में भीषण गर्मी के इस मौसम में पीने के पानी का संकट गहराया हुआ है।

















